*जिला कलेक्टोरेट कार्यालय बेमेतरा में स्वच्छता के नाम पर खानापूर्ति, आम नागरिक पानी के लिए तरसे*

बेमेतरा:- जिला कलेक्टोरेट कार्यालय बेमेतरा में स्वच्छता के नाम पर खानापूर्ति व आम नागरिक पानी के लिए तरस रहे। आपको बता दें कि जिला बेमेतरा कलेक्टोरेट कार्यालय की शौचालय की साफ सफाई व वाटरकूलर खराब पड़े होने के कारण जिले के प्रत्येक नागरिकों में सवाल खड़ा हो रहे है। शासन-प्रशासन द्वारा स्वच्छ भारत मिशन व स्वच्छता अभियान चला रहे है। जिसको लेकर भारत व प्रदेश के हर जिले व कोने कोने में शासन द्वारा संचालित महत्वकांक्षी योजना व स्वच्छता अभियान को लेकर प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी अमल करते हुए योजनाओं का प्रचार-प्रसार करते हुए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे है। इसके अलावा स्वच्छता अभियान के नाम पर लोगों को अपील करते आ रहे है। और तो और दिवालो में लेखन पट्टी भी किया जा रहा है। जिले के सभी कार्यालयों, बैठक, आयोजनों, कार्यक्रम, जनदर्शन, जनचौपाल आदि अभियानों सहित पेन-पे-पेन चलाकर दिशा-निर्देश कर रहे है। लेकिन खुद की विभाग-कार्यालय व दफ्तर ही गन्दगी है तो क्या कहना। जिला बेमेतरा कलेक्टोरेट कार्यालय की शौचालय की साफ-सफाई गुणवत्ताहीन व गंदगी सामने आ रहे है। जिस पर जिला प्रशासन के ऊपर सवाल खड़े हो रहे है। सफाई के नाम पर लापरवाही सामने आ रहे है। शौचालय में लघुशंका व शौंच जाने के लिए लोग कतराते है। गन्दगी व बदबू से शौचालय कक्ष में जाने के लिए सौ बार सोचते है। आम नागरिक सहित जिले में कार्यरत अधिकारी कमर्चारी भी इस शौचालय में शौच करने के लिए जाते भी नहीं, बाहर की ओर रुख लेते नजर आते है। साफ सफाई को हिदायत देने वाले प्रशासन खुद की दफ्तर गन्दी हो तो इससे लोगों तक स्वच्छता का असर कैसे पड़ेगा। गंदगी इतनी की देख कर लोग गुटखा खा कर वही थूककर आ जाते है। साथ ही हाँथ धोने के लिए पानी तक नहीं है। अंदर की हालत इतना खराब है कि दरवाजे खराब, नल की टोंटी खराब, फर्स गंदी और तो और शौंच सीट की दयनीय स्थिति ही बिगड़ गई है। स्वच्छता के नाम पर कई लाखों खर्च कर देते होंगे। लेकिन जिला कलेक्टोरेट शौचालय की साफ-सफाई में खाना पूर्ति व नाम मात्र की वाहवाई बटोर रहे है।

*वाटर कूलर लगभग एक साल से खराब पड़ी, बना शो-पीस*
जिला कलेक्टोरेट कार्यालय बेमेतरा के प्रवेश द्वारा के सामने, पीछे के प्रवेश द्वार व अन्य जगहों पर वाटरकूलर की व्यवस्था तो की गई। लेकिन एक साल से बिगड़ी पड़ी होने के कारण अनुपयोगी व शो-पीस साबित हो रहे है। आपको बता दें कि जिला कलेक्टोरेट कार्यालय बेमेतरा में हर मंगलवार को दृष्टि सभा कक्ष समय सीमा की बैठक जनदर्शन व जन समस्या निवारण किया जाता है। जिसमें जिले अधिकारी कर्मचारी सहित आम नागरिक सैकड़ों के संख्या में उपस्थित रहते है। वही लोग कार्यालय में घण्टो तक वार्तालाब करते है जिस समय अधिकारी के टेबलों बाकायदा ब्रांडेड वाटर बोतल तो रहते है। जब उन्हें पानी पीना होता है तब उनके लिए बार बार वाटर बोतल नए-नए टेबल में उपलब्ध हो जाते है। लेकिन वही जनदर्शन व जन समस्या निवारण में अपनी शिकायत लेकर कार्यालय में लंबी लाइन लगी होती है उस समय उन्हें पानी पीना होता है। तब आम नागरिक पानी के लिए तरस जाते है। उनका कहना है कि यहां की वाटरकूलर खराब पड़ी है। पानी पीने जाऊंगा तो मुझे लाइन को छोड़कर सड़क के बाहर किसी होटल में जाकर पानी पी पाऊंगा। तब तक जनदर्शन व जनसमस्या निवारण की समय सीमा कहीं समाप्त न हो जाये। आप अंदाजा लगा सकते है कि वाटर कूलर की खराब होने से लोगों की कई समस्या बढ़ सकती है। लेकिन जिला प्रशासन व अधिकारी कर्मचारी देख कर अंजान व मौन है। क्या इसलिए कि खुद की विभाग में नहीं सवाल व जवाब नहीं दे सकते। अपने आप में सवाल खड़ा हो रहे है। या फिर इसे बनाने के लिए मूलभूत राशि नहीं है। संबंधित विभाग अधिकारी इस ओर तकनीक भी ध्यान न देना कई कथित सवाल उत्पन्न हो रहे है।




