*■नगर-क्षेत्र में खुलेआम बिक रहे वन्यजीव, प्रशासन के पशु-पक्षी संरक्षण एक्ट की कार्यवाही के अभाव के कारण हो रही कालाबाजारी, सजग,पर्यावरणप्रेमी व समाजसेवियों में आक्रोश■*

*●देवकर:-* पुलिस थाना साजा सम्बद्ध देवकर चौकी क्षेत्र में इन दिनों वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के विपरीत खुलेआम पशु-पक्षियों की खरीद-बिक्री हो रही है लिहाजा पुलिस प्रशासन की सक्रियता पर सवालिया प्रश्नचिन्ह उठने लगा है। ताज़ा घटनाक्रम कल शुक्रवार के दिन सुबह को स्थानीय चौकी मुख्यालय स्थित देवकर नगर के मुख्यमार्ग पर बसस्टैंड के समीप दिखाई पड़ा, जहाँ पर दीगर क्षेत्र का एक वन्यजीव शिकारी विक्रेता बनकर गैरकानूनी ढंग से खुलेआम दुर्लभ तोते को पींजरे में कैदकर 1500 रुपये जोड़ी व 1000 रुपये प्रति नग के कीमत में बेचता नज़र आया है। जानकारों की माने तो कल वन्यजीव विक्रेता तीन ग्रुप में नगर-क्षेत्र में घूम रहे थे, जिसे नगर-क्षेत्र के रहवासी एवं राहगीर सौदेबाजी करते दिखाई दिए। इस गतिविधि से नगर के सजग एवं पर्यावरणप्रेमी आक्रोशित नज़र आये और प्रशासन से जंगल के वन्यजीव की अवैध तस्करी एवं गैरकानूनी धंधे पर ऐसे शिकारियों पर त्वरित कड़ी कार्यवाही करने की गुहार लगाई। इस सम्बंध में नगर समाजसेवी एहशान शेख ने कहा कि शासन-प्रशासन द्वारा वन्यजीव के संरक्षण हेतु अधिनियम बनाकर तस्करी एवं खरीद-बिक्री पर पाबंदी लगाए हुए है, इसके बावजूद हरसाल क्षेत्र में अनेकों प्रकार के दुर्लभ वन्यजीवों को लाकर खुलेआम बेचा जा रहा है, जो बड़ा गम्भीर है। शिकारियों द्वारा बेचे जाने वाले तोते, खरगोश, नेवला, लवबर्ड जैसे अनेकों जंगल के पशु-पक्षियों को पिंजरे में कैद कर घर मे रखना प्रकृति के खिलाफ है। इस विषय पर सजग लोगों द्वारा आमनागरिकों को जागरूक करना चाहिए।
इस सम्बंध में देवकर तहसीलदार विनोद बंजारे ने बताया कि वन्यजीव का कारोबार करना दण्डनीय अपराध है, अगर ऐसी बात है कि तो इस सम्बंध में साजा रेंज के वन अमले को कार्यवाही के लिए निर्देशित किया जाएगा।साथ ही ऐसी गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें, शिकारियों के कब्जे में कैद वन्यजीव को आजाद कराया जाएगा एवं मौके पर ही आरोपियों पर विधिवत कार्यवाही कराई जाएगी।




