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*सुहागिन महिलाओं ने वट सावित्री की पूजा अर्चना पति की लंबी उम्र और सुख शांति की कामना की।*

देवकर– महिलाओं ने रखा वट सावित्री व्रत नगर देवकर के गांधी चौक में सुहागिन महिलाओं ने वट सावित्री की पूजा अर्चना पति की लंबी उम्र और सुख शांति की कामना की। वहीं, नव विवाहिताओ में वट सावित्री पूजा को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। वट वृक्ष को मौसमी फल अर्पित करने, कच्चे सूत से बांधने और बियने हथ पंखा से ठंडक पहुंचाने के बाद महिलाओं ने आस्था के साथ इसकी परिक्रमा की पूजा के बाद वट सावित्री कथा भी सुनी।

उल्लेखनीय है कि जेष्ठ मास के शुक्रवार अमावस्या के दिन पडने वाले इस पर्व में सुहागिन महिलाओं ने पूजा की थाली सजाकर वट वृक्ष की बारह बार परिक्रमा की और फल फूल चढाकर सुख समृद्घि और पति की लंबी आयु की कामना करती है। इस व्रत का विशेष महत्व है जहां घरों में नई-नवेली दुह्लनो के साथ सुहागिन महिलाएं बरगद पेड़ के नीचे पहुंची पूरे दिन पूजा-अर्चना करती हैं।

 

वट सावित्री पूजन करना फलदायक

 

व्रत रखने वाली महिलाओं के अनुसार इस व्रत को सबसे पहले सावित्री ने अपने पति सत्यवान की प्राण को यमराज से वापस मागकर लाई थीं, तब से इस व्रत को सुहागिन करती चली आ रही है। वट सावित्री व्रत में महिलाएं 108 बार बरगद की परिक्रमा करती हैं। कहते हैं कि वट सावित्री पूजन करना बेहद फलदायक होता है। इस दिन महिलाएं सुबह से स्नान कर लेती हैं और सुहाग से जुडा हर श्रृंगार करती हैं, जब तक पानी नहीं पीती हैं जब तक वह पूजा नहीं कर लेती हैं वट सवित्री के दिन महिलाएं त्यौहार की तरह अपने अपने घरों में भोजन के साथ पकवान भी बनाती हैं। वट वृक्ष पूजन में साल भर में जो 12 महिने होते है। उसके अनुसार सभी वस्तुएं भी 12 ही चढाई जाती हैं। कच्चे धागे का जनेऊ बनाकर उसको अपने गले में धारण करती है।

GAUTAM BEMTRA

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