*डूडा में दो कमरों पर पढाई करने को मजबूर पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चे, जर्जर भवन से खतरे की संभावना*

*■बेमेतरा:-* बेमेतरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम डूडा से शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा लापरवाही सामने आ रहा है। जहां पर बड़ी संख्या में स्थानीय प्राथमिक शाला के बच्चे जर्जर स्कूल भवन में बैठने को मजबूर है। देखा जाए तो सुरक्षागत कारणों से स्कुल के करीब 80 बच्चो को केवल दो कमरों में ठूसकर शिक्षको द्वारा पढाई कराया जा रहा है। जिसमें पहली दूसरी एवं तीसरी के बच्चों के लिए एक कमरा एवं दूसरे कमरे में चौथी व पांचवी क्लास के बच्चे दिखाई दे रहे है। जबकि वास्तविकता में पूरे बेमेतरा ज़िला में शिक्षा अधिकारी के देखरेख में आरईएस विभाग द्वारा करीब 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि विगत वर्षों में खर्च कर स्कूल मरम्मत, जीर्णोद्धार व अतिरिक्त कमरो का निर्माण किया गया है। इसके बावजूद ज़िला मुख्यालय से लगे डूडा गाँव में शिक्षा विभाग की तैयारियों व व्यवस्था का धरातल पर पोल खुलता नज़र आ रहा है। बताया जा रहा है कि ऐसी स्थिति होने के बावजूद ज़िला शिक्षा अधिकारी एवं प्रशासन द्वारा कोई संज्ञान में नही लिया जाता है, लिहाजा शिक्षा विभाग के अफसरों की मनमानी एवं लापरवाही का तकाजा स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ता है। वर्तमान में दो कमरों से बच्चो को पढ़ाया जा रहा है वहां भी बिल्डिंग जर्जर है जो कभी भी गिरकर हादसे की आशंका बनी हुई है वही इसी बीच शिक्षकगण बच्चो को पढ़ाई कराकर बड़ा खतरा मोल ले रहे है जो काफी गम्भीर है। बेमेतरा ज़िला व विकासखण्ड प्रशासन को इस सम्बंध में ध्यान देने की फिलहाल जरूरत है।




