*नवदुर्गा प्रतिमा की निकाली भव्य शोभायात्रा, अंचल में गूंजे मां दुर्गा के जयकारे, नम आंखों से शिवनाथ नदी में दी गई विदाई*

बेरला:- शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व के समापन पर दशमी तिथि को संपूर्ण बेरला अंचल में माँ दुर्गा की प्रतिमाओं की भव्य एवं दिव्य शोभायात्रा निकाली गई। नौ दिनों तक चले शक्ति की उपासना के इस महान पर्व के बाद माता रानी को भावभीनी विदाई दी गई। शोभायात्रा के दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया और श्रद्धालुओं के उत्साह व उमंग से माहौल पूरी तरह धर्ममय नजर आया।
*देवी-देवालयों और चौक-चौराहों पर रही भक्ति की बयार*
उल्लेखनीय है कि बेरला ब्लॉक के ग्रामीण अंचलों, चौक-चौराहों तथा प्रमुख देवी-देवालयों में मां दुर्गा की मनमोहक प्रतिमाओं और ज्योत-जंवारा की स्थापना की गई थी। बीते नौ दिनों तक श्रद्धालुओं ने मां भगवती के सम्मुख बैठकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और घंटियों की मधुर ध्वनि से पूरे गांव का वातावरण पवित्र और भक्तिमय बना रहा।
*भजन-कीर्तन और महाप्रसाद का हुआ आयोजन*
ग्राम मनियारी सहित आसपास के दुर्गा पंडालों में देर रात तक भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा, जिसमें श्रद्धालुओं ने मां जगदंबे की महिमा का गुणगान किया। अष्टमी और नवमी तिथि पर विशेष हवन-पूजन के उपरांत माता रानी को हलवा-पूरी का भोग अर्पित किया गया। तत्पश्चात महादेव चौंक अम्बे उत्सव समितियों द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन कर भक्तों के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया।
*मनियारी में एकजुट हुईं विभिन्न उत्सव समितियां*
विजयादशमी के शुभ अवसर पर ग्राम मनियारी में स्थापित महादेव चौक जय अंबे उत्सव समिति, बजरंग चौक दुर्गा उत्सव समिति तथा महामाया चौक दुर्गा उत्सव समिति द्वारा संयुक्त रूप से भव्य विसर्जन यात्रा निकाली गई। सभी समितियों ने अपने-अपने पंडालों से माता रानी की प्रतिमाओं को गाजे-बाजे के साथ गांव भ्रमण के लिए रवाना किया, जिसे देखने के लिए ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा।
*घर-घर उतारी गई आरती, जस गीतों पर झूमे श्रद्धालु*
शोभायात्रा जब गांव की गलियों और स्थानीय मंदिरों से गुजरी, तब श्रद्धालुओं ने अपने-अपने घरों के सामने माता रानी की आरती उतारी और श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद मांगा। ढोल-नगाड़े, झांझ-मंजीरे की थाप और पारंपरिक जस गीतों की गूंज पर महिलाएं, कन्याएं और युवा भक्त झूमते-नाचते नजर आए। पूरे रास्ते ‘जय माता दी’ और ‘मां शेरावाली’ के जयकारों से दिशाएं गुंजायमान होती रहीं।
*शिवनाथ नदी तट पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब*
गांव का भ्रमण करने के पश्चात शोभायात्रा बेमेतरा-बेरला क्षेत्र के समीप बहने वाली पवित्र शिवनाथ नदी के तट पर पहुंची। विसर्जन स्थल पर माता रानी के अंतिम दर्शन और आशीर्वाद पाने के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। जय अंबे, जय जगदंबे और मां दुर्गा के गगनभेदी जयघोषों से नदी का तट गूंज उठा, जिससे वातावरण अत्यंत अलौकिक हो गया।
*शास्त्रोक्त विधि से हुआ विसर्जन, नम आंखों से मिली विदाई*
शिवनाथ नदी के तट पर आचार्यों द्वारा विधि-विधान से माता रानी की अंतिम आरती व पूजन संपन्न कराया गया। इसके बाद अगले वर्ष पुन: आगमन की कामना के साथ मां दुर्गा की प्रतिमाओं को शिवनाथ नदी की जलधारा में विसर्जित किया गया। माता की विदाई के इस भावुक क्षण में श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और सभी ने भक्तिभाव से माता से सुख-समृद्धि एवं जन-कल्याण का आशीर्वाद मांगा।




