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दिल्ली की हवा में सुधार को बनाए रखने का समय, किरण बेदी ने इसके लिए उपाय भी बताए

रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने कहा कि वायु गुणवत्ता में सुधार लाने में हमने जो प्रगति हासिल की है, उसे बनाए रखने का समय आ गया है। ऐसा करने का एकमात्र तरीका साझेदारी में काम करना है। बेदी ने कहा कि इसके लिए साझेदारी आधारित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने दिल्ली की हवा में हालिया सुधार को बनाए रखने के लिए लोगों की भागीदारी का आह्वान किया। कहा कि कंट्रोल रूम के माध्यम से साझेदारी आधारित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में बेदी ने कहा कि वायु गुणवत्ता में सुधार लाने में हमने जो प्रगति हासिल की है, उसे बनाए रखने का समय आ गया है। ऐसा करने का एकमात्र तरीका साझेदारी में काम करना है।

बेदी ने कहा कि सरकार के पास कंट्रोल रूम हैं। उनके नंबर सार्वजनिक किए जाने चाहिए ताकि लोग उनमें भाग ले सकें। जहां कहीं भी लोगों को उद्योगों, निर्माण स्थलों या वाहनों से प्रदूषण दिखाई दे, उन्हें नगर निगम पार्षद को सूचित करना चाहिए। ट्रैफिक संबंधी समस्याओं के मामले में पुलिस कंट्रेल रूम को या प्रदूषण नियंत्रण समिति के अधिकारियों को सूचित करना चाहिए।

बेदी ने पोस्ट किया कि लोगों को स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारी तय करने के लिए उन्हें मैसेज या व्हाट्सएप के जरिए सूचित करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि निर्वाचित और नियुक्त प्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्रों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

किरण बेदी ने प्रतिबंधों में ढील देने से पहले ही एक व्यवस्था लागू करने की मांग की। कहा कि अब विश्वास कायम करने और मिलकर काम करने का समय है ताकि भविष्य में ऐसी कमियां न रह जाएं। नागरिकों, आवासीय प्राधिकरणों और प्रदूषण नियंत्रण अधिकारियों को शामिल करते हुए एक संयुक्त नियंत्रण कक्ष नगर निगम पार्षदों, विधायकों और सांसदों के साथ समन्वय स्थापित कर सकता है ताकि हर कोई अपने क्षेत्र की जिम्मेदारी ले सके। उन्होंने कहा कि केवल शिकायत करने से कोई सुधार नहीं होता, साझेदारी से होता है। जब हम मिलकर काम करते हैं, तो सभी को लाभ होता है।

इस बीच, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने मंगलवार को दिल्ली एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में लागू किए गए चरण IV के कड़े उपायों को वापस लेने की घोषणा की। आयोग ने वायु गुणवत्ता स्तर में सुधार का हवाला देते हुए यह निर्णय लिया। आयोग ने स्पष्ट किया कि चरण I, II और III के उपाय लागू रहेंगे। इस निर्णय ने 13 दिसंबर को जारी किए गए अपने पिछले आदेशों को रद्द कर दिया, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 450 के ‘गंभीर स्तर से ऊपर’ की सीमा को पार कर गया था।

लगभग दो सप्ताह तक खतरनाक धुंध के बाद बुधवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ और यह ‘खराब’ श्रेणी में आ गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को शहर का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 271 रहा, जो मंगलवार को दर्ज किए गए 412 से काफी बेहतर है। दिल्ली की वायु गुणवत्ता आखिरी बार 10 दिसंबर को खराब श्रेणी में दर्ज की गई थी, जिसके बाद यह कई दिनों तक ‘अत्यंत खराब’ और ‘गंभीर’ श्रेणी में रही।

अधिकारियों ने बताया कि अनुकूल मौसम संबंधी परिस्थितियों, विशेष रूप से दिन के दौरान 15 से 25 किमी प्रति घंटे की हवा की स्पीड ने वायु गुणवत्ता में सुधार करने में मदद की।

Abhitab Namdeo

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