कल दिखेगा इस साल का आखिरी चंद्रग्रहण, जानें समय और प्रभाव

हाल ही में हमने एक सूर्यग्रहण देखा है. और जल्द ही हमें चंद्रग्रहण भी देखने को मिलेगा. 15 दिनों के भीतर यह दूसरा ग्रहण है साथ यह साल का अंतिम ग्रहण भी कहा जा रहा है. इस दौरान ज्योतिषों द्वारा कई प्रकार की टिप्पणियां की जा रही है. तो आइए जानते है कि क्या होंगे इस ग्रहण के असर.
मौसम में देखने को मिलेंगे बड़े बदलाव
सूर्य ग्रहण के बाद अब 8 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण की छाया रहेगी. 15 दिनों में यह दूसरा ग्रहण जो दृश्य मान होगा. ज्योतिषाचार्य सतीश सोनी के अनुसार एक पक्ष में 2 ग्रहण के प्रभाव हमेशा नकारात्मक होते हैं. जिससे प्राकृतिक आपदाओं के साथ मौसम में बड़े बदलाव, भूकंप और आतंकी घटनाएं बढ़ सकती हैं.
कई वर्षों बाद बन रहा ऐसा योग
ज्योतिषाचार्य डॉ. सतीश सोनी के मुताबिक वर्षो बाद दो ग्रहण के बाद मंगल, शनि, और सूर्य तथा राहु आमने सामने आएंगे. भारतवर्ष की कुंडली में तुला राशि पर सूर्य, चंद्र, बुध और शुक्र की युति बनेगी. इसके साथ ही शनि कुंभ राशि में पंचम में मिथुन राशि में नवम पर मंगल की युति विनाशकारी योग बना रही है. वहीं शनि, मंगल के आमने सामने होने से षंडाष्टक योग, नीच राज भंग योग और प्रीति योग का निष्पादन हो रहा है.
9 घंटे पहले ही आरंभ होगा चंद्रग्रहण का सूतक
चंद्र ग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले ही आरंभ हो जाएगा. चंद्रग्रहण का आरंभ दोपहर 2 बजकर 39 मिनट से और ग्रहण का मध्य 4 बजकर 29 मिनट बजे एवं ग्रहण समाप्ति 6 बजकर 19 मिनट पर होगा. ग्वालियर में सूर्यास्त 5 बजकर 30 मिनट पर होगा. पर्व काल आरंभ सूर्य अस्त से 6.19 ग्रहण मोक्ष तक मंत्र जाप गुरु दीक्षा के लिए सर्वोत्तम मुहूर्त रहेगा. यह चंद्रग्रहण मेष राशि में घटित होगा. और सूतक प्रातः 5 बजकर 53 भारतीय समय अनुसार लगेगा.
कुछ इस तरह रहेगा ग्रहण का प्रभाव
डॉ.सोनी ने बताया कि यदि 15 दिन में 2 ग्रहण होते हैं. तो प्राकृतिक आपदाएं अक्सर आती हैं. पर्यावरण प्रदूषित होता है. तथा जनमानस में और रोग के प्रकोप बढ़ते हैं. वहीं मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. सीमा पर तनाव के साथ औद्योगिक विकास के कार्यों में गिरावट भी आएगी.




