विविध

*पोला पर्व के दिन हुई भोजली विसर्जन, छत्तीसगढ़ी वेशभूषा में सजकर गांव का भ्रमण कर निकाली सुनहरी भोजली*

 

बेरला:- ब्लॉक बेरला अंचल में छत्तीसगढ़ के लोक पारंपरिक तिहार तीजा पोला पर्व व भोजली का तिहार बड़े धूमधाम से मनाया गया। वही पोला पर्व के दिन विधि विधान से गांव की भ्रमण कर निकाली सुनहरी भोजली का तालाब में विसर्जन किया। आपको बता दें कि गांव व शहर में बालिकाओं ने कृष्णजन्माष्टमी के दिन भोजली बोया गया। इस तरह एक सप्ताह लगातार सेवा सत्कार कर पोला पर्व के दिन धूमधाम के विसर्जन किया गया। वही बालिकाओं ने बताया कि भोजली मित्रता का प्रतीक है। यह प्राचीन काल से छत्तीसगढ़ में एक-दूसरे को भोजली देकर मित्रता को प्रगाढ़ करने की परंपरा है। लिहाजा ब्लॉक बेरला के ग्राम मनियारी में पोला पर्व के दिन बालिकाओं ने छत्तीसगढ़ के वेशभूषा पहनकर गांव की गली भ्रमण कर सामूहिक रूप से निकाली सुनहरी भोजली विसर्जन किया गया। छत्तीसगढ़ी संस्कृति का निर्वाह करते लोगों ने मितान बदकर सीताराम भोजली कहकर एक-दूसरे का अभिवादन किया।

 

भोजली की पूजा-अर्चना पश्चात शोभायात्रा के साथ भोजली का विसर्जन किया गया। ग्राम मनियारी के आबादी पारा, गौरा गौरी पारा व महामाया पारा की मंडलियों की जसगीत धुनों पर भोजली का पूजन कर विसर्जन किया गया। इस बाद चौंक चौराहों में पूजा अर्चना कर खुशहाली की कामना व अच्छी फसल की मनोकामना के साथ विसर्जन किया गया। इस वर्ष सभी भोजली अच्छे ढंग से उगे हुए थे। सरसों की भांति सुनहरी भोजली रही। लगभग एक फिट तक भोजली देखने लायक था। ऐसी मान्यता है कि अगर भोजली अच्छी होती है तो क्षेत्र में समृद्धि भी आती है। उसके बाद सभी बालिका नृत्य व डांस करते हुए इस तिहार को और भी खुशहाली बनाते है।

GAUTAM BEMTRA

Related Articles

Back to top button