*सरस्वती शिशु मंदिर बेरला में ‘सांस्कृतिक एकता का उत्सव’, छात्रों ने समाज को बाँधी राखियाँ*

बेरला:- सरस्वती शिशु मंदिर, बेरला में इस वर्ष भी रक्षाबंधन का पर्व बड़े उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल भाई-बहन के रिश्ते का सम्मान करना नहीं था, बल्कि इसे सामाजिक एकता और सद्भाव के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण और सरस्वती वंदना से हुआ। इसके बाद छात्राओं ने छात्रों की कलाई पर राखी बाँधकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की, जबकि छात्रों ने उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया। प्रधानाचार्य श्री बिसम्भर साहू ने रक्षाबंधन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व समाज में भाईचारे और सद्भाव का संदेश देता है।

इस अवसर पर विद्यालय ने एक विशेष गली-भ्रमण कार्यक्रम का भी आयोजन किया। छात्र और शिक्षक समूहों में विभाजित होकर आस-पास की गलियों में गए। उन्होंने दुकानदारों, मजदूरों, पुलिस कर्मियों, चिकित्सकों और पड़ोसियों की कलाई पर राखी बाँधी। इस पहल से बच्चों में सेवा और सामाजिक एकता की भावना जागृत हुई।
गली-भ्रमण के दौरान छात्रों ने “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” और “हम सब एक हैं” जैसे नारे लगाए, जिससे पूरे माहौल में देशभक्ति और सद्भाव का संचार हुआ। लोगों ने भी बच्चों का स्वागत मिठाई और पानी से किया, जिससे बच्चों को यह अनुभव हुआ कि प्रेम और विश्वास का यह बंधन घर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरे समाज में फैला हुआ है।
कार्यक्रम का समापन कुछ छात्राओं द्वारा प्रस्तुत गीतों के साथ हुआ। यह आयोजन छात्रों और समाज के बीच आत्मीयता के बंधन को मजबूत करने में सफल रहा।
इस कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री बिसम्भर साहू सहित चंद्रशेखर साहू, उमेश सिन्हा, लेख राम साहू, भोलाराम देवांगन, तारण दास टंडन, बुधराम निषाद, सुमन साहू और कई अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएँ उपस्थित रहीं।




