*पीएम स्वनिधि स्ट्रीट वेंडर का स्वाभिमान, नगर पंचायत देवकर में अब तक 106 लोगों को बैंक के माध्यम से ऋण प्रदाय किया जा चुका*

देवकर:- निकाय अंतर्गत प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत पथ विक्रेताओं को प्रथमत: 10000 रुपये का ऋण प्रदाय किया गया। जिसके पश्चात पथ विक्रेताओं को अपने व्यवसाय को सुदृढ़ कर आजीविका को बढ़ाने मौका मिला। इस योजना का उद्देश्य कमजोर आय वर्ग को स्वयं के व्यवसाय बढ़ाने के लिए सहयोग प्रदान करना है। जैसे फुटकर व्यवसायी, रेहणी पटरी वाले, ठेले और छोटे-मोटे व्यवसाय करने वाले आदि। नगर पंचायत देवकर में अब तक 106 लोगों को बैंक के माध्यम से ऋण प्रदाय किया जा चूका है, शासन द्वारा नगर पंचायत देवकर को प्राप्त लक्ष्य की प्रगति 80 प्रतिशत प्राप्त की जा चुकी है। परंतु निकाय का मूलभूत लक्ष्य अधिक से अधिक पथ विक्रेताओं को योजना से जोड़े जाने का तय किया गया है। इच्छुक पथ विक्रेता योजना से जुड़ने के लिए आवेदन नगर पंचायत के शहरी आजीविका मिशन शाखा के माध्यम से कर सकते है। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन की टीम ने शहरी पथ विक्रेताओं को पीएम स्वनिधि योजनाओं से शत प्रतिशत जोड़े जाने हेतु निरंतर कार्यरत है। स्वनिधि योजना अंतर्गत 10000, 20000 तथा 50000 रुपये के ऋण बैंकों के माध्य से दिलाए जाने हेतु विभाग ने निरंतर अपना प्रयास जारी रखा है। साथ ही नगर पंचायत देवकर के तहत पंजीकृत स्ट्रीट वेंडरो को परिचय पत्र वितरण किया गया है। शासन के निर्देश से भविष्य में इस योजना से लाभांवित पथ विक्रेताओं के परिवार का सामाजिक आर्थिक प्रोफाइलिंग भी किया जाएगा। ताकि इन्हें शासन की अन्य योजनाओं का लाभ दिया जा सके। स्व निधि से समृद्धि योजना अंतर्गत प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जन धन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, जननी सुरक्षा योजना, बीओसीडब्ल्यू के तहत पंजीकरण, वन नेशन वन राशन कार्ड योजना तथा पीएम मातृ वंदना योजना जैसी विभिन्न योजनाओं से पथ विक्रेता व उनके परिवार के सदस्यों को पात्रता के आधार पर लाभान्वित किया जाएगा। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन नगर पंचायत देवकर टीम द्वारा पीएम स्व निधि योजना के सफल संचालन हेतु हर संभव प्रयास फील्ड में जारी रखा है अतः योजना से लाभ लेने हेतु पथ विक्रेता आधार कार्ड एवं अन्य आवश्य दस्तावेज के साथ कार्यालय में संपर्क करे जिससे अधिक से अधिक पथ विक्रेताओं को योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके और योजना के शत प्रतिशत लक्ष्य की पूर्ति की जा सके ।




