*बेरला में मर्डर के केस पर जांच में लगी पुलिस को मिली सफलता, रिपोर्ट के 12 घण्टे के अंदर आरोपी गिरफ्तार, उधार के पैसे मांगने पर उतारा दोस्त को मौत के घाट*

*■बेमेतरा/बेरला:-* पुलिस अनुविभाग बेरला मुख्यालय अंतर्गत स्थानीय पुलिस को थाने में दर्ज हत्या के मामले की जांच में बड़ी कामयाबी हाथ लगी। बेरला पुलिस द्वारा दिनेश यादव के मर्डर के महज 12 घण्टे में ही आरोपी की विधिवत गिरफ्तारी कर कोर्ट के आदेश पर न्यायिक रिमाण्ड में भेज दिया गया है।
दरअसल बेरला थाना में विगत 16 जुलाई को स्थानीय प्रार्थी चेतन यादव द्वारा हत्या का रिपोर्ट अपराध क्रमांक 232/2024 बीएनएस की धारा 103(1) की तहत दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया गया। साथ ही प्रकरण में वरिष्ठ अफसरों के मार्गदर्शन में जाँच के लिए पुलिस की टीम जुटी हुई थी। वही हत्या के बाद ज़िला पुलिस प्रशासन के दिशानिर्देश पर डॉग स्कावड व सीसीटीवी कैमरे का सहारा लिया गया। जिसमें पाया गया कि नगर में हत्या की वारदात को बेरला के वार्ड-07 गोड़पारा निवासी 33 वर्षीय ओमप्रकाश उर्फ रज्जु मण्डावी पिता प्रेमलाल मण्डावी को सन्दिग्ध के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इस पूछताछ में आरोपी ओमप्रकाश ने हत्या की बात कबूल कर अपना जुर्म स्वीकार कर लिया ततपश्चात पुलिस द्वारा नए कानून बीएनएस की धारा के तहत अपराध के आधार में न्यायालय में पेश किया गया जहाँ से उसे रिमाण्ड में लिया गया है।
आरोपी ओमप्रकाश उर्फ रज्जु मण्डावी ने बताया कि वह मृतक दिनेश यादव उर्फ दीनू को विगत दस वर्षों से परिचित था, इसी बीच दोनो के बीच पैसों का पुराना लेन-देन रहा है, क्योंकि 16 जुलाई की रात को वह अपने दोस्तों के साथ बैठकर शराब पी रहा था तभी मृतक दिनेश यादव आकर आरोपी रज्जु से उधार के पुराने पैसे की मांग करने लगा जिस पर आरोपी रज्जु ने बार बार मना किया एवं दिनेश द्वारा न मानते हुए निरन्तर पैसे की मांग पर आरोपी रज्जु तैश में आकर पास में रखे ईट से मृतक दिनेश पर ताबड़तोड़ वार किया जिससे मृतक दिनेश तुंरत जमीन पर गिर पड़ा।फिर लगातार जानलेवा वार करते हुए आरोपी रज्जु ने दिनेश को मौत के घाट उतार दिया एवं स्वयं घटनास्थल से फरार हो गया। फिर ह्त्या के मामले के खुलासे होने के बाद नगर बेरला में सनसनी फैल गयी।
इस कार्यवाही में एसपी रामकृष्ण साहू के दिशानिर्देश एवं बेरला एसडीओपी-तेजराम पटेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक- मयंक मिश्रा, एएसआई- दीनानाथ सिन्हा, प्रधान आरक्षक- लोकेश गौसेवक, ठाकुर राम धृतलहरे, दीनानाथ यादव, वीरेंद्र साहू, प्रमोद बंजारे, महेश जांगड़े, शिव यादव, आर कुशाल बोरकर, रामेश्वर पटेल सहित अन्य स्टॉफगणों की कार्यवाही में विशेष सराहनीय योगदान रहा।




