कैसे रेस्टोरेंट मालिक ने अपनी रेगुलर कस्टमर महिलाओं की बलि का बनाया खौफनाक प्लान, जानें…

केरल. केरल के एर्नाकुलम (Ernakulam
जिले की रहने वाली दो लापता महिलाओं के शवों को केरल पुलिस (Kerala Police) ने बरामद कर लिया है. दोनों महिलाएं आजीविका के लिए लॉटरी टिकट बेचने का काम किया करती थीं. इन दोनों महिलाओं में एक समानता यह थी जब तक कि वह लापता नहीं हुईं, कोच्चि के एक वाजिब दाम वाले रेस्टोरेंट में एक साथ ही जाया करती थीं. रोजली (49) 6 जून तो दूसरी महिला पद्म (52) जो तीन माह के अंतराल के बीच 26 सितंबर को लापता हुई थी. केरल पुलिस ने दोनों ही महिलाओं के शरीर के कटे हुए अंगों को पथनमथिट्टा जिले के इलानथूर गांव में एक पारंपरिक चिकित्सक-सह-मालिशकर्ता के परिसर से बरामद किया है. इस मामले में कोच्चि सिटी पुलिस ने अब तक तीन लोगों की गिरफ्तारी की हैकोच्चि शहर के पुलिस आयुक्त सी एच नागराजू का कहना है कि इन दोनों लापता महिलाओं को वित्तीय समृद्धि पाने के लिए ‘अनुष्ठानिक मानव बलिदान’ की भेंट चढ़ा दिया गया. इस कार्य को सफल बनाने के लिए महिलाओं को प्रताड़ित किया गया और आखिर में उनको मौत के घाट उतार दिया गया. पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें चिकित्सक-सह-मालिशकर्ता भगवल सिंह, उसकी पत्नी लैला और कोच्चि में रेस्तरां का मालिक मोहम्मद शफी उर्फ रसीद शामिल है. इन सभी ने पीड़ितों को लालच देकर अपने जाल में फंसाया था.कर्मकांड मानव बलि के रूप में किया गया है. सिटी पुलिस का कहना है कि महिलाओं के सिर को काट दिया गया और शवों को दफना दिया गया था. बताया गया है कि अमीर बनने की इच्छा की वजह से चिकित्सक और उसकी पत्नी दोनों ने मिलकर पीड़ितों को खूब यातना दी और उसके बाद उनकी बलि दे दी गई. पुलिस कमिश्नर का कहना है कि दंपत्ति और शफी के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, जिसमें उन्होंने महिलाओं को बलि का लालच देकर फंसाया था लेकिन अभी इसके साइंटिफिक सबूतों को इकट्ठा किया जा रहा है.पुलिस के मुताबिक इन हत्याओं का पता तब चला जब पुलिस पद्मम के परिवार द्वारा दर्ज लापता व्यक्ति की तलाश में जुटी थी. मूल रूप से तमिलनाडु के धर्मपुरी के रहने वाले पद्मम कोच्चि में रह रहे थे. पद्म के लापता होने के एक दिन बाद 27 सितंबर को उसके परिजनों ने मिसिंग कंप्लेंट दर्ज करवाई. उसकी पूरी कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाले गए तो पता चला कि पद्मम शफी के संपर्क में थी. उसके खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें ड्रग पेडलिंग से लेकर हमले और बलात्कार आदि के संगीन मामले शामिल हैं. कॉल डिटेल में यह सब पता चलने के बाद शफी को हिरासत में लिया गया.पुलिस कमिश्नर ने मामले का खुलासा करते हुए पाया कि इस साल की शुरुआत में शफी ने सोशल मीडिया साइट ‘फेसबुक’ पर ‘श्रीदेवी’ के नाम से एक फेक अकाउंट बनाया था जिस पर वित्तीय संपत्ति बढ़ाने के लिए पूजा सेवाओं की पेशकश करने वाली एक पोस्ट डाली थी. पुलिस के अनुसार, शफी ने इस फेसबुक अकाउंट के जरिए सिंह से संपर्क किया और उसे बताया कि वह एक काला जादू करने वाले को जानता है, जो उसकी वित्तीय स्थिति को सुधारने का समाधान निकाल सकता है. इसके बाद वह दंपत्ति के घर खुद ही काला जादू करने वाले के रूप में बनकर चला जाता है.
शफी ने दंपत्ति को कहा कि अगर वे मानव बलि देते हैं तो वे अमीर बन सकते हैं. पुलिस ने खुलासा किया कि शफी के रेस्तरां में लॉटरी विक्रेता दोनों लापता महिलाएं नियमित ग्राहक थीं. और इस तरह उसने पहली पीड़ित रोजली की पहचान की, जिसने कथित तौर पर एक अश्लील वीडियो फिल्माने को उसे 10 लाख रुपये का वादा किया था.
इसके बाद रोजली को सिंह के घर ले जाया गया, जहां उसे प्रताड़ित किया गया. पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए कहा कि उसे एक खाट से बांधा गया था, उसके स्तन काट दिए गए थे और उसका सिर काट दिया गया था. बाद में शव को घर के पास ही एक गड्ढे में फेंक दिया गया. पुलिस का कहना है कि पहली हत्या के बाद, शफी सिंह के घर पर नियमित रूप से आता था और यहां तक कि उसके साथ कई दिनों तक रहता था.शफी ने कथित तौर पर दंपति को एक और मानव बलि देने के लिए भी मना लिया था. उसने इसके लिए अगला शिकार पद्मम को बनाया. वह भी उसके रेस्तरां की एक नियमित कस्टर थी. उसे भी रोजली की तरह ही बहला-फुसलाकर भगवल सिंह के घर ले जाया गया. उसको बुरी तरह से प्रताड़ित किया गया और आखिर में मौत के घाट उतार दिया गया. पुलिस ने बताया कि भगवल सिंह एलंथूर में पारंपरिक चिकित्सकों के परिवार से ताल्लुक रखता है. वह सोशल मीडिया पर सक्रिय भी है. वह अपने पेज पर हाइकु पोस्ट करता था, और कथित तौर पर हाइकू कविता पर कक्षाएं भी आयोजित करता था.रोजली 6 जून को लापता हो गई थी. लेकिन उसके लापता होने की शिकायत उसकी बेटी की तरफ से पुलिस को 17 अगस्त को दी गई. रोजली की बेटी उत्तर प्रदेश में एक शिक्षक के रूप में काम करती है. वह अपनी मां की तलाश में केरल पहुंची थी.




