बेमेतरा

*मुख्य सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा, बना परेशानी का सबब, हादसे का शिकार हो रहे लोग*

*(कलेक्टर के फरमान के बावजूद अधिकारी बरत रहे लापरवाही, किसान नेता ने आंदोलन की दी चेतावनी)*

 

बेमेतरा:- मुख्य सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा आम जनों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। आए दिन लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं। मवेशियों से टकराने की वजह से कई लोगों की जान चली गई है। किसान नेता योगेश तिवारी ने कहा कि इन सब के मद्देनजर बेमेतरा कलेक्टर जितेंद्र शुक्ला ने सड़कों से मवेशियों के जमावड़ा को हटाने को लेकर जिम्मेदारी तय की थी।  जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एवं शहरी क्षेत्रों के लिए सीएमओ को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। कोताही बरते जाने की स्थिति में संबंधितो पर कार्रवाई की बात कही गई थी, लेकिन कलेक्टर के फरमान के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। मवेशियों का जमावड़ा सड़कों पर बना हुआ है। लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं।

 

*कलेक्टर का फरमान सिर्फ कागजों तक सीमित*

 

किसान नेता के अनुसार कलेक्टर का फरमान सिर्फ कागजों तक ही सीमित होकर रह गया है। इसे लेकर लोगों में खासी नाराजगी है। सरकार की ओर से पशुपालकों को आर्थिक मदद देने के साथ ऐसी व्यवस्था बनाए जाने की जरूरत है। जहां मवेशियों के दूध नहीं देने की स्थिति में उनके पालन पोषण के लिए पशुपालकों को पैसों की कमी न होने पाए। ताकि पालक मवेशियों को खुले में छोड़ने को मजबूर नहीं होंगे।

 

*किसान नेता ने आंदोलन की दी चेतावनी*

 

किसान नेता के अनुसार गोबर खरीदी की योजना सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह गई है। 90 से 95% गांवों में गोबर खरीदी नहीं हो रही है। उन्होंने सरकार से गोबर व गोमुत्र खरीदी की माकूल व्यवस्था बनाए जाने का आग्रह किया है। सरकार ने फसलों की सुरक्षा व किसानों का आय बढ़ाने और सड़कों पर घूम रहे मवेशियों से होने वाले हादसों को रोकने के उद्देश्य से रोका छेका अभियान की शुरुआत की थी किंतु नगर पालिका व आसपास के क्षेत्रों में यह अभियान फेल है। राज्य सरकार के दावे धरातल पर वास्तविकता से कोसों परे है। किसान नेता ने जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी दी है।

GAUTAM BEMTRA

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