धर्म

सभी संकटों को दूर करने आ रहा है सकट चौथ व्रत, जानें तारीख, पूजा मुहूर्त, चंद्रोदय समय

नए साल की पहली संकष्टी चतुर्थी व्रत माघ माह की है, जो सकट चौथ व्रत के नाम से प्रसिद्ध है. हर साल माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सकट चौथ व्रत रखा जाता है. सकट चौथ व्रत रखने और गणेश जी की पूजा करने से जीवन के सभी प्रकार के संकट दूर होते हैं. संतान की सुरक्षा होती है और विघ्नहर्ता श्री गणपति जी के आशीर्वाद से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव बता रहे हैं कि सकट चौथ व्रत कब है और पूजा का शुभ समय क्या है?सकट चौथ व्रत 2023 तिथि
पंचांग के अनुसार, माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी ति​थि की शुरूआत 10 जनवरी दिन मंगलवार को दोपहर 12 बजकर 09 मिनट पर होगा और इस तिथि की समाप्ति 11 जनवरी दिन बुधवार को दोपहर 02 बजकर 31 मिनट पर होगी. सकट चौथ व्रत के दिन चतुर्थी तिथि में चंद्रमा की पूजा अनिवार्य है, इसलिए सकट चौथ व्रत 10 जनवरी को रखा जाएगासकट चौथ व्रत 2023 पूजा मुहूर्त
10 जनवरी को सुबह 09 बजकर 52 मिनट से दोपहर 01 बजकर 47 मिनट तक अच्छा समय है. इसमें भी लाभ-उन्नति मुहूर्त सुबह 11:10 बजे से दोपहर 12:29 बजे तक और अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त दोपहर 12:29 बजे से दोपहर 01:47 बजे तक है. इस मुहूर्त में गणेश जी की पूजा करने से आपकी उन्नति होगी.सकट चौथ व्रत 2023 चंद्रोदय समय


सकट चौथ व्रत वाले दिन रात्रि के समय में चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है और पूजा होती है. इस दिन चंद्रमा का उदय रात 08 बजकर 41 मिनट पर होगा. इस समय में चंद्रमा की पूजा की जाएगी और उसके बाद पारण करके व्रत को पूरा किया जाता है.

सकट चौथ पर बना है सर्वार्थ सिद्धि योग
इस साल सकट चौथ पर सर्वार्थ सिद्धि योग, प्रीति योग और आयुष्मान योग बन रहे हैं. इस दिन प्रीति योग सुबह से लेकर दिन में 11:20 बजे तक है और उसके बाद से आयुष्मान योग रहेगा. सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 07 बजकर 15 मिनट से सुबह 09 बजकर 01 मिनट तक है.

भद्रा में है सकट चौथ व्रत
19 जनवरी को सकट चौथ व्रत के दिन भद्रा सुबह 07 बजकर 15 मिनट से लग रही है और इसका समापन दोपहर 12 बजकर 09 मिनट पर होगा. हालांकि भद्रा में पूजा पाठ वर्जित नहीं होता है.सकट चौथ व्रत का महत्व
सकट चौथ का व्रत करने से संतान की सुरक्षा होती है. गणेश जी के आशीर्वाद से सभी संकट दूर होते हैं. कार्यों में होने वाली विघ्न बाधा दूर होती है. गणपति बप्पा के आशीष से मनोकामनाएं पूरी होती है और जीवन में शुभता बढ़ती है.

Sunil Namdeo

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