धर्म

कब है पौष पूर्णिमा? बन रहे गुरु पुष्य समेत 5 शुभ योग, जानें व्रत, पूजा मुहूर्त, चंद्रोदय समय

पौष पूर्णिमा हर साल पौष माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को होती है. उस दिन व्रत रखकर सत्यनारायण भगवान, माता लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा करते हैं. उनकी कृपा से जीवन में खुशहाली आती है, सभी दुख दूर होते हैं, धन-संपत्ति में वृद्धि होती है. पौष पूर्णिमा के दिन स्नान और दान करने का भी विधान है. इससे पुण्य लाभ मिलता है. तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव से जानते हैं ​कि पौष पूर्णिमा किस दिन है? पौष पूर्णिमा के दिन गुरु पुष्य समेत कौन से 5 शुभ योग बन रहे हैं? पौष पूर्णिमा व्रत और पूजा का मुहूर्त क्या है?वैदिक पंचांग के आधार पर देखा जाए तो इस साल 24 जनवरी बुधवार को रात 09 बजकर 49 मिनट से पौष माह​ के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि शुरू होगी. इस तिथि का समापन 25 जनवरी दिन गुरुवार को रात 11 बजकर 23 मिनट पर खत्म होगापौष पूर्णिमा के व्रत के लिए चंद्रोदय समय और स्नान-दान के लिए उदयातिथि का महत्व है. इस आधार पर देखा जाए तो इस साल पौष पूर्णिमा 25 जनवरी को है. उस दिन उदयातिथि और चंद्रोदय समय प्राप्त हो रहा है.जो लोग 25 जनवरी को पौष पूर्णिमा का व्रत रखेंगे, वे सूर्योदय के बाद से ही पूजा पाठ कर सकते हैं क्योंकि पौष पूर्णिमा पर पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है. उस दिन का शुभ मुहूर्त यानि अभिजित मुहूर्त 12:12 पीएम से 12:55 पीएम तक है.पौष पूर्णिमा 2024 चंद्रोदय समय
पौष पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय शाम को 05 बजकर 29 मिनट से होगा. उस दिन चंद्रास्त का समय प्राप्त नहीं है. जिन लोगों को चंद्रमा को अर्घ्य देना है, वे प्रदोष काल में 05:54 पीएम के बाद कर सकते हैं25 जनवरी को पौष पूर्णिमा वाले दिन गुरु पुष्य समेत 5 शुभ योगों का निर्माण हो रहा है. पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बना है. रवि योग 07:13 एएम से 08:16 एएम तक है, वहीं गुरु पुष्य योग 08:16 एएम से अगले दिन 26 जनवरी को 07:12 एएम तक है. वैसे ही अमृत सिद्धि योग भी 08:16 एएम से अगले दिन 07:12 एएम तक है. पौष पूर्णिमा पर प्रीति योग सुबह 07:32 एएम से अगले दिन सुबह तक है.

Sunil Namdeo

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