छत्तीसगढ़

भीषण गर्मी के बीच छत्तीसगढ़ में शुक्रवार से बदल रहा मौसम, इन जिलों में आग की जगह आसमान

 ब्यूरोचीफ सुनील आनंद नामदेव

 

छत्तीसगढ़ में जहां एक तरफ बेहद तेज गर्मी पड़ना शुरू हो गई है और सामान्य से कहीं ज्यादा अधिकतम तापमान दर्ज किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ शुक्रवार से प्रदेश का मौसम अचानक बदलने वाला है। इस दौरान मौसम विभाग ने अगले सोमवार यानी चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई है। विभाग का कहना है कि 13 मार्च से प्रदेश के कई संभागों में गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी संभावना है।

राजनांदगांव रहा सबसे गर्म, आसमान से बरसी आफत

मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश का मौसम शुष्क बने रहने का अनुमान लगाया है, साथ ही अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने और इसके बाद आगामी दिनों में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की अचानक गिरावट होने की संभावना जताई है। बीते दिन के मौसम की बात करें तो बुधवार को प्रदेश में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान राजनांदगांव में 39.5 डिग्री सेल्सियस तथा सबसे कम न्यूनतम तापमान 13.7 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया।

विभाग ने राजधानी रायपुर में 12 मार्च को हल्की धुंध छाए रहने की संभावना है। इस दौरान यहां अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग ने लोगों को तेज धूप और गर्मी के मद्देनजर सावधानी बरतने की सलाह दी है।

13 मार्च शुक्रवार को मौसम विभाग ने प्रदेश के बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और यहां गरज-चमक के साथ बारिश व वज्रपात होने की संभावना जताई है। इस दौरान तेज हवा (30-40 KMPH) भी चलेगी।

14 मार्च शनिवार को मौसम विभाग ने प्रदेश के 8 जिलों बालोद, कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर और सुकमा जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए गरज-चमक के साथ बारिश व वज्रपात होने की संभावना जताई है। साथ ही तेज हवाएं भी चलेंगी।

15 मार्च रविवार को IMD ने प्रदेश के सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए गरज-चमक के साथ बारिश व वज्रपात होने की संभावना जताई है। इस दौरान विभाग ने इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान भी लगाया है।मार्च सोमवार के लिए भी विभाग ने पूरे प्रदेश में येलो अलर्ट जारी किया है और गरज-चमक के साथ बारिश व वज्रपात होने की संभावना जताई है। इस दौरान विभाग ने इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान भी लगाया है।

सिनोप्टिक मौसमी परिस्थितियां

बिहार से झारखंड होकर उत्तरी छत्तीसगढ़ तक समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर ऊपर तक एक द्रोणिका स्थित है। पश्चिमी विक्षोभ, मध्य क्षोभमंडल में एक टूफ के रूप में औसत समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर लगभग 69 डिग्री पूर्व देशांतर के साथ 33 डिग्री उत्तर अक्षांश के उत्तर में स्थित है। ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण, मध्य असम और उसके आसपास के क्षेत्र में औसत समुद्र तल से लगभग 0.9 किमी की ऊंचाई पर स्थित है। उत्तर भारत के ऊपर औसत रामुद्र तल से 12.6 किमी की ऊंचाई पर लगभग 167 किमी प्रति घंटा की गति से उपोष्ण पश्चिमी जेट स्ट्रीम हवाएं बह रही है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ के 14 मार्च 2026 से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है।

 

Abhitab Namdeo

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