कांच की बोतलों से रिकॉर्ड बनाने वाले त्रिलोक का नया कारनामा, रुद्राक्ष से बनाया 6 फीट का शिवलिंग

मंडला: महाशिवरात्रि के पहले ही मंडला के रहने वाले बॉटलिंग आर्ट के बादशाह त्रिलोक सिंधिया ने एक ऐसी कलाकृति बनाई है जो चर्चा का विषय बनी हुई है. जिसे देखने त्रिलोक के घर में खासी भीड़ देखी जा रही है. इस कलाकृति की खास बात यह है यह शिवलिंग रुद्राक्ष के मोतियों से तैयार किया गया है. अब शिवलिंग की शिवरात्रि के दिन शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो की खासा आकर्षण का केंद्र रहेगा.
बॉटलिंग आर्ट के बादशाह कहे जाते हैं त्रिलोक सिंधिया
मंडला के बस स्टेंड वार्ड के रहने वाले त्रिलोक ने 12 वर्ष की उम्र से अपनी कलाकृति से सभी लोगों को अचंभित किया है. वे बॉटल के अंदर अपनी आर्ट की कलाकारी बड़ी बारीकी से करते हैं. उन्होंने सैकड़ों आकृतियां बॉटल में उतारी हैं. विशेष त्योहारों, उत्सवों में त्रिलोक अपनी कलाकृति का प्रदर्शन करते हैं. उन्हें विभिन्न मंचों में सम्मान भी मिला है. हाल ही में शिवरात्रि के मौके पर एक अनोखा शिवलिंग तैयार किया है, जिसकी ऊंचाई 6 फिट के करीब है. हजारों की संख्या में रुद्राक्ष मोतियों की व्यवस्था सुधीर कांसकार और अन्य सहयोगियों द्वारा की गई है. त्रिलोक सिंधिया अपनी कलाकारी को एक ऊंचे मुकाम की ओर ले जाना चाहते हैं.
बोतल में इंडिया गेट बनाकर हासिल किया वर्ल्ड रिकॉर्ड
कलाकार त्रिलोक सिंधिया ने बताया कि, “12 वर्ष की आयु से मैं यह कार्य कर रहा हूं. हमारे यहां पहले चूल्हा जलता था, जिसमें बांस का प्रयोग होता था. पहली शुरुआत यहीं से हुई थी. मैंने एक छोटा सा बांस का मंदिर बनाया था. यह मैंने अपने परिवार में मम्मी, पापा दीदी को दिखाया तो उन्हें बहुत अच्छा लगा. फिर इसके बाद से मुझे प्रेरणा मिली और मैंने आर्ट करना शुरु कर दिया. मैंने एक लालटेन के कांच के अंदर जहाज भी बनाया था.
फिर मुझे लगा कुछ और भी कर सकते हैं, तो मैंने एक सॉस की कांच की बोतल ली, बोतल के अंदर बांस की कलाकृतिया बनाई थी, जो लोगों को बहुत पसंद आईं. प्रोत्साहन मिलने के बाद मैंने कांच की बॉटल के अंदर जहाज बनाया. इंडिया गेट अनेक प्रकार से कलाकृतियां बनाई और इसमें से इंडिया गेट में वर्ल्ड रिकॉर्ड भी हासिल किया है. जब अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हो रही थी, तब मैंने राम मंदिर और राम दरबार बनाया था, जिसकी लोगों ने बहुत सराहना की थी.त्रिलोक ने कहा कि, ”मेरे मन में हमेशा से ही हिन्दू पर्व को लेकर विशेष लगाव रहा है. अभी महाशिवरात्रि को देखते हुए मैंने 25 हजार रुद्राक्ष की सहायता से 6 फीट ऊंचाई के शिवलिंग का निर्माण किया है. जिसमें 20 से 25 दिनों का समय लगा, जिसकी बड़ी ही सराहना की जा रही है. मैं आभारी हूं उन लोगों का जिन्होंने शिवलिंग के लिए रुद्राक्ष की माला का सहयोग प्रदान किया.”




