*बेमेतरा ज़िला के ग्रामीण अंचलों में शाम ढलते ही खेतो पर पराली जला रहे किसान, दोहरी फसल लेने के चक्कर मे वातावरण से खिलवाड़*

*बेमेतरा:-* कृषि प्रधान बेमेतरा ज़िले में फिलहाल धान के फसल की कटाई एवं मिंजाई का दौर जोर-शोर से शुरू हो गया है, इसी बीच ग्रामीण अंचल में किसानों द्वारा फसल कटाई पश्चात फसल के अवशेष व पराली को खेतों पर ही खुलेआम जलाकर आग के हवाले किया जा रहा है, जिससे शाम होते ही ग्रामीण इलाकों में धुएं का धुंध देखने को मिल रहा है। जबकि शासन- प्रशासन द्वारा फसल अवशेष को जलाने पर कड़ी दण्डात्मक कार्यवाही के प्रावधान के साथ प्रतिबन्ध लगा हुआ है। इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों के किसान दोहरी फसल लेने की ललक एवं जागरूक के अभाव में शाम ढलते ही खेतो पर बचे-पड़े अवशेष व फसल की ठूंठ को आग के हवाले कर पर्यावरण को प्रदूषित करने का कार्य कर रहे है। बताया जा रहा है कि प्रायः ज़िले के कृषक परिवार खेतो में खरीफ की फसल के बाद रबी की तैयारी शुरू कर देते है जिसमे डबल फसल की चाहत में खेतो पर ही फसल के अवशेष व पराली को जलाकर क्षेत्र के वातावरण को दूषित कर रहे है जो कि बड़ा चिंता का विषय है।




