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*■करमाल(बेरला) में काव्यगोष्ठी का सफल आयोजन■*

*बेरला/भिंभौरी* साहित्यिक गतिविधियों हेतु चर्चित सुग्घर साहित्य समिति बेरला की आवश्यक बैठक एवं मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन बीते रविवार को कवियत्री राधिका पटेल के निज निवास ग्राम करामाल (बेरला) में रखा गया था । कवियत्री सरस्वती साहू के द्वारा मां वीणापानी की वंदना की गयी जिसके पश्चात् आय व्यय पर चर्चा प्रारम्भ की गयी । आगामी काव्य कृति काव्य प्रयाग के रूप में वैभव प्रकाशन से प्राप्त पांडुलिपि की समीक्षा कर उसे प्रकाशन हेतु प्रेषित की गई । आगामी काव्य कृति काव्य प्रयाग का विमोचन दिसम्बर माह में किया जाएगा । तमाम चर्चाओं के पश्चात काव्य पाठ प्रारंभ की गई जिसमें सर्वप्रथम वरिष्ठ हास्य कवि राम हृदय वर्मा ने शराब से मुक्ति नामक व्यंग्य का पाठ किया जिसके पश्चात् कवि कमलेश वर्मा (व्याख्याता) ने अपनी बेहतरीन रचना

“यथार्थ कल्पना के संसार हे कविता ।

प्रसाद निराला गुप्त सुकुमार हे कविता ।

कला अउ संगीत के रखवार हे कविता ।

कवि के जिनगी के आधार हे कविता ।” पढ़कर सभी का मन मोह लिया । हास्य के नवीन हस्ताक्षर कवि ईश्वर निषाद ने अपनी छत्तीसगढ़ी रचना धोखा खाए हंव प्रस्तुत कर सबको गुदगुदाया जबकि वरिष्ठ ग़ज़लकार जगदीश सोनी बेरलाहा ने पढ़ा मै हूँ नसीब का मारा । युवा कवि विकास कश्यप ने नई कविता के रूप में आनंद का इत्र पढ़ा वंही नरेंद्र साहू ने देवारी तिहार पर समसामयिक रचना प्रस्तुत की । नारी के शक्ति के रूप में उपस्थित कवियत्री सरस्वती साहू ने माता संतोषी की एक सुमधुर गीत प्रस्तुत कर सब में भक्ति का भाव जगाया वहीं कवियत्री मानसी मानस ने श्रृंगार की एक बेहतरीन रचना का पाठ किया जबकि राधिका पटेल ने छत्तीसगढ़ी गीत मोर नंगरिहा प्रस्तुत कर किसानों की पीड़ा व्यक्त की । गीतकार मूलचंद साहू ने छत्तीसगढ़ी गीत सुरता सियान के पाठ किया गीतकार डॉ. चुरामन साहू ने पढ़ा तुम तो अपने हो जबकि डॉ.उत्तम देवांगन ने जपले राम के माला प्रस्तुत की और कवि दीपक (शिक्षक) नेअपनी आध्यात्मिक रचना उखरा रेंगत पाँव छोलागे प्रस्तुत कर पुनः सबको भक्ति रस में सराबोर कर दिया । कवि सुरेश निर्मलकर ने अपनी रचना चलो आज फिर उनसे मुलाक़ात की जाए के माध्यम से समा बांध दिया जबकि मै कविता की किताब पढ़ता रह गया प्रस्तुत कर वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राजेंद्र प्रसाद पाटकर ने अपने साहित्य प्रेम को उजागर किया । गोष्ठी का संचालन कर रहे ताकेश्वर साहू बचपन ने हास्य कविता मोबाइल फ़ोन का चक्कर पढ़कर सभी को ख़ुश कर दिया ।

GAUTAM BEMTRA

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