*■शहादत के प्रतीक ताजिया निकालकर एवं तकरीर कर देवकर सहित अंचल में मना मुस्लिमों का मातमी पर्व मोहर्रम■*

*देवकर:-* नगर एवं ग्रामीण इलाकों में विगत शनिवार को मुस्लिम समुदाय के द्वारा मातमी त्योहार मोहर्रम का पर्व मनाया गया। जिसमें नगर देवकर एवं नगर परपोड़ी में मोहर्रम के अवसर पर बिना ताजिया निकाले समाज के लोग पारम्परिक वेशभूषा एवं इस्लामिक टोपी में इमाम हसन हुसैन की शहादत की याद में तकरीर एवं आमलंगर का प्रोग्राम कर मनाते दिखाई दिए तो ग्रामीण क्षेत्र में बासीन, बिरनपुर एवं कोंगिया गाँव में ताजिया के साथ जुलूस निकालकर मुस्लिम समाज के लोग मोहर्रम के मातमी दिन को याद करते दिखे। ततपश्चात शहादत के प्रतीक ताजिया को देर रात तक नदी में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।इस अवसर पर सभी मुस्लिमों द्वारा मोहर्रम की नमाज भी अदा की गयी। जिसमे क्षेत्र सहित देश-दुनिया मे अमन-चैन व भाईचारे की दुआ की गयी। नगर देवकर में जामा मस्जिद के समीप नूरानी चौक में मोहर्रम की तकरीर आयोजित हुई। वहीँ शाम को आमलंगर में सभी लोग मौजूदगी बनी रही। इस मातमी पर्व के अवसर पर नगर देवकर के रजाएँ मुस्तफ़ा कमेटी के अध्यक्ष-जनाब ईस्माइल बेग (सदर साहब) ने बताया कि देवकर मुस्लिम जमात में पिछले कुछ वर्षो से ताजिया एवं आम जुलूस नही निकाला जा रहा है जबकि उसके बजाए मोहल्ले के नूरानी चौक में ही कमेटी के सहयोग से तकरीर एवं लंगर का प्रोग्राम रखा जाता है। मौलाना जिब्राईल कुरैशी(जाबिर मोहम्मद) ने बताया मोहर्रम का यह महीना इस्लामिक कैलेंडर में नववर्ष का नया महीना होता है जिसकी दसवीं तारीख को इराक मुल्क में स्थित करबला में मैदान में इमाम हसन हुसैन की शहादत हुई थी जिसकी याद में हरसाल यह पर्व मातमी रूप में मनाया जाता है।




