*नपं भिंभौरी संस्कार भवन में सम्पन्न हुई सुग्घर साहित्य समिति की पावस काव्य गोष्ठी*

*जयंती के अवसर पर डॉ.खूबचंद बघेल को किया याद*
बेरला:- भिंभौरी क्षेत्र में लगातार साहित्यिक आयोजनों को लेकर सक्रिय सुग्घर साहित्य समिति की पावस काव्य गोष्ठी का आयोजन नगर पंचायत भिंभौरी के बदना महादेव मंदिर स्थल संस्कार भवन में शनिवार को रखा गया था। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना के साथ की गई। जिसके पश्चात छंदकार लिलेश्वर देवांगन ने प्रथम प्रस्तुति देकर तालियां बटोरी। तो वहीं कवयित्री मानसी मानस ने बेटियों पर अपनी रचना प्रस्तुत की। गीतकार मनीदास मानिकपुरी ने भगवान शिव की महिमा का गान किया। जिसके पश्चात सुग्घर साहित्य समिति के नए सदस्य विपिन यादव ने भी रचना से समां बांधा। गीतकार दीपक निषाद ने छंद रचना प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया तो वहीं व्यंग्यकार विकास कश्यप ने अपनी कविता सड़क ल बनवा देतेव गा साहब पढ़कर क्षेत्र के खराब सड़कों को लेकर तंज कसा। हास्य कवि ईश्वर निषाद ने अपनी रचना से सबको लोटपोट कर दीया। लोकगायक दिलीप टिकरिहा ने डॉ. खूबचंद बघेल की स्मृति में स्वरचित रचना का सुमधुर गायन किया। गीतकार ताकेश्वर साहू ने मानवीय मूल्यों के गीत से जन जागरण का कार्य किया। कवयित्री काजल कश्यप ने तस्वीरों की खूबसूरती पर शानदार रचना प्रस्तुत की। गीतकार नारायण प्रसाद वर्मा चंदन ने सैनिकों की बलिदान पर अपनी रचना से सबको भाव विभोर कर दीया। जामुल से पधारे स्माइल आजाद ने महंगाई और ग़रीबी के दुःख को अपनी पंक्तियों में पिरोया, चन्द्रकुमार बर्मन ने शानदार गजलों से समां बांधा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भगवताचार्य सालिक राम वर्मा सेवा निवृत प्रबंधक क़ृषि अभियांत्रिकी विभाग रायपुर, टीकम सिंह वर्मा, मानस मर्मज्ञ हरिशंकर वर्मा, ग्राम सभा अध्यक्ष साहू मौजूद रहे। मानस मर्मज्ञ हरिशंकर वर्मा ने सभी रचनाकारों के रचनाओं की समीक्षा करते हुए उनकी सराहना की। संस्कार भवन के संस्थापक सालिक राम वर्मा ने कहा कि आज महंगाई का दौर है फिर भी लोग नशे में अपना जीवन बर्बाद कर रहे है यह अनुचित है इस वजह से संस्कार भवन में उनका प्रवेश वर्जित है। साथ ही उन्होंने कहा कि साहित्यिक गतिविधियों के लिए बदना महादेव मंदिर नगर पंचायत भिंभौरी में स्थित संस्कार भवन सदैव निशुल्क उपलब्ध है। रचनाकार ही संस्कृति और सभ्यता का आधार है। कार्यक्रम का सम्पूर्ण संचालन ओज कवि कमलेश वर्मा के द्वारा किया गया।




