साजा में मामूली विवाद में बोलेरो से कुचलकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार*

साजा:- बेमेतरा,: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ मामूली विवाद के चलते एक व्यक्ति को बोलेरो वाहन से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया गया। साजा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
यह घटना 29 जून 2025 की रात करीब 8 बजे की है, जब वार्ड क्रमांक 13, साजा निवासी शंकर लाल यादव और मृतक रतनू नेताम तालाब पचरी में शराब पी रहे थे। उसी दौरान मालवेन्द्र बनर्जी वहां पहुंचा और उनसे मजदूरी के पैसों को लेकर विवाद करने लगा। मालवेन्द्र ने मजदूरी के पैसे बार-बार मांगने और अपनी बदनामी करने का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी देकर चला गया।
कुछ देर बाद, जब शंकर लाल यादव, रतनू नेताम और नरेश निषाद पैदल शराब भट्ठी की ओर जा रहे थे, तभी मालवेन्द्र बनर्जी ने अपनी बोलेरो गाड़ी (क्रमांक CG 25 2246) को तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाते हुए पीछे से तीनों को टक्कर मार दी। इस टक्कर से शंकर लाल यादव और नरेश निषाद सड़क के किनारे जा गिरे, जबकि रतनू नेताम सड़क पर ही गिर पड़े। आरोपी मालवेन्द्र ने इसके बाद रतनू नेताम के ऊपर से अपनी बोलेरो को दो-तीन बार आगे-पीछे कर कुचलकर उनकी हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया।
इस घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बेमेतरा श्री रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती ज्योति सिंह और एसडीओपी बेरला श्री विनय कुमार के मार्गदर्शन में थाना साजा प्रभारी निरीक्षक चंद्रदेव वर्मा, उप निरीक्षक राकेश साहू और थाना स्टाफ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी की तलाश शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस ने सफेद रंग की बोलेरो (क्रमांक CG 25 2246) के चालक, आरोपी मालवेन्द्र बनर्जी (पिता वासुदेव बनर्जी, उम्र 26 वर्ष, निवासी वार्ड नं. 13 साजा थाना साजा जिला बेमेतरा) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बोलेरो वाहन और अन्य साक्ष्य जब्त कर लिए हैं। आरोपी मालवेन्द्र बनर्जी को आज, 30 जून 2025 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक चंद्रदेव वर्मा, थाना प्रभारी, साजा, उप निरीक्षक राकेश साहू, सउनि बनवाली लाल सोनकर, प्रधान आरक्षक विजेन्द्र सिंह, पवन सिंह, चंद्रशेखर सिंह राजपूत, फागेश्वर देशमुख, आरक्षक रामानुज जायसवाल, राजू यादव, अर्जुन ध्रुर्वे, और अन्य स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।




