*जपं बेरला में मकड़ियों के जाल स्वरूप तार व जनरेटर पर लग रहा जंग, आला अधिकारी को ध्यान नहीं*

बेरला:- जनपद पंचायत बेरला का एक मामला सामने आ रहे है जो अपने आप में गैरजिम्मेदाराना के चलते लाखों रुपये के जनरेटर पर जंग लग रहे और आला अधिकारी को ध्यान तक नहीं। इससे जनपद पंचायत बेरला की कार्यशैली व कार्यप्रणाली सुर्खियों पर है। वही शासन प्रशासन जनपद पंचायत के विकास कार्य को लेकर लाखों रुपये आबंटित किया जाता है। लेकिन इस तरह गैरजिम्मेदाराना के कारण राशियों की अनुपयुक्त व्यवहार हो रहे है। वही जनपद पंचायत कार्यालय बेरला में सालों से पड़े जीप वाहन भी अनुपयोगी साबित हो रहे है। जो आज खुले आसमान में जंग व कबाड़ की भांति हो गए है। इसके अलावा कार्यालय के चारों ओर मकड़ी जाल की भांति तार का बिछना लापरवाही के चलते बड़ी दुर्घनाओं को आमंत्रण दे रहे है। इससे शार्ट शर्किट होने की बड़ी संभावना जताई जा रहे है। तार का इर्द गिर्द बिछने से शार्ट शर्किट से आग लग जाने के कारण जनपद पंचायत बेरला कार्यालय में कई सारे फाइल, कम्प्यूटर, 102 ग्राम पंचायत की लेखा जोखा दस्तावेज जैसे कई महत्वपूर्ण जानकारियां एवं मशीनों से आच्छादित जरूरी समान है। वही लापरवाही के चलते जनपद पंचायत को भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा। जिनका खामयाजा शासन प्रशासन सहित ग्राम पंचायत व अंचल वासियों के भूतकना पड़ेगा।
गौतरलब है कि जनपद पंचायत बेरला में जनरेटर खराब व कबाड़ हो रहे जो खतरा बन पड़ा है। सुरक्षा युक्तियां के अनुसार जनरेटर को जनपद से कम से कम 20 फीट की दूरी पर रखा जाना चाहिए और इंजन से निकलने वाली गैस को खिड़कियों या दरवाज़ों से दूर रखना चाहिए। यह लापरवाह और खतरनाक कार्य बिजली कर्मचारियों और उसी बिजली ट्रांसफार्मर वाले पड़ोसियों के लिए बिजली का झटका लगने का जोखिम पैदा कर सकता है। इस प्रकार, यह बिजली की आग का कारण भी बन सकता है। वही आज के अन्तराल में बिजली बंद हो जाने कारण जनपद पंचायत बेरला के कई सारे काम रुक जाते है। जनरेटर के चलते बिजली बंद होने से कार्य में कोई प्रभाव नहीं पड़ते थे। लेकिन आज बिजली बंद होने पर ऑनलाइन संबंधित हो या फोटो कॉपी बिजली से संचालित होने वाले छोटे से छोटे कार्य बिजली के कारण रुक जाता है। आला अधिकारी नया खिताब की कार्यों में उलझे हुए है। जिससे जनरेटर की रख रखाव की कमी के चलते खराब जंग लग रहे व अनुपयोगी साबित हो गए है। इससे संबंधित अधिकारी शासकीय संपत्ति को नजर अंदाज कर क्षति पहुंचा रहा है। वही प्रत्यक्षदर्शियों ने कहना है कि जनपद पंचायत का ये हाल दूभर है। इस पर ध्यान देने वाले अधिकारी ऐसे करें तो जांच कौन करेगा।




