*गाँव की सफाई व स्वच्छता के मामले के देवरबीजा बना पिछलग्गू, प्रशासन की उदासीनता एवं लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे ग्रामीण*

*■बेमेतरा:-* ज़िला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत देवरबीजा में इन दिनों स्वच्छता एवं सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। पंचायत प्रशासन की निष्क्रियता एवं लापरवाही के कारण देवरबीजा के चौक-चौराहे भी गन्दगी व कूड़े के ढेर में तब्दील हो रहे है। जो इस सुंदर गाँव की खूबसूरती पर ग्रहण लगा रहा है। वैसे तो शासन- प्रशासन द्वारा गाँव की सुंदरता एवं स्वच्छता बनाये रखने के लिए लाखों रुपये हरसाल जारी किए जाते है जिसमे मूलभूत सुविधाओं एवं जरूरी कार्य कराने की जवाबदेही स्थानीय पंचायत प्रशासन को होती है। वही बरसात के मद्देनजर गाँव मे स्वच्छता एवं सफाई को लेकर जिला प्रशासन द्वारा भी पंचायतों को हिदायत दी जाती है, किंतु उन्ही के आदेश-निर्देशो की धज्जियां उड़ाते हुए पंचायत के फंड का सदुपयोग न हो तो गाँव की स्थिति काफी बदतर हो जाती है जिसका ताज़ा प्रमाण देवरबीजा गाँव की दुर्दशा को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है। चूंकि यह बेरला जनपद का एक बड़ा एवं अहम ग्रामीण पंचायत होने के कारण स्वच्छता के प्रति इनकी अपनी अलग ही रोल मॉडल होनी चाहिए।लेकिन असलियत में यहां की सफाई की हालत एवं स्वच्छता की तस्वीर जमीनी स्तर पर बहुत ही अलग है। गाँव मे यहां-वहां कूड़े-कचरे का अव्यवस्थित ढेर वही उन पर मंडराते मवेशियों के झुंड एवं सुलभ शौचालय में गन्दगी सहित कीचड़-दलदल से देवरबीजा गाँव की काफी फजीहत हो रही है। जबकि उल्लेखनीय है कि इस ग्राम पंचायत की महत्वता एवं अहमियत को ध्यान में रखते हुए इस गांव को नगर पंचायत की बहुप्रतीक्षित काफी अरसे से शासन-प्रशासन द्वारा की जा रही है, परन्तु देवरबीजा पूरे बेरला विकासखंड सहित आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता एवं सुन्दरता के मामले में काफी फिसड्डी साबित हो रहा है जिसके लिए कही न कही स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदार आम नागरिकों द्वारा ठहराया जा रहा है। गाँव के वेस्ट कचरे एवं नालियों के बेहतर प्रबंधन के अभाव एवं समस्याओ पर त्वरित समाधान को नज़रन्दाज़ करना स्थानीय प्रशासन की उदासीनता का सीधा परिचय दे रहा है। जिस पर ज़िला पंचायत बेमेतरा एवं जनपद पंचायत बेरला के प्रशासनों को ध्यान देनी चाहिए।




