*■गाँव की जरूरत के लिए मुरम खनन का पंचायत में प्रस्ताव, निजी स्वार्थ के लिए ठेकेदार को दे दी खुली छूट, प्रशासन के मनमानी कुम्हिगुड़ा गाँव मे आक्रोश■*

*देवकर:-* नगर निकटस्थ ग्राम कुम्हिगुड़ा में इन दिनों पंचायत प्रशासन के अजब-गजब कारनामे का खुलासा हो रहा है।जिसमे जानकारी के मुताबिक विगत पूर्व में ग्राम पंचायत की ओर से मुरम खनन का स्थानीय स्तर पर उपयोग का प्रस्ताव लिया गया था। जिसके बाद पंचायत द्वारा गाँव की एक चिन्हांकित जगह पर मुरम खुदाई कथित रूप से एक ठेकेदार एजेंसी के वाहनों के माध्यम से कराई गई और वही उसके बदले में उस ठेकेदार को उनके जरूरत की पूर्ति मुरम खनन की खुली छूट दे दी गयी। लिहाजा आलम यह रहा कि ग्रामीणों को ताक में रखकर ठेकेदार की एजेंसी द्वारा मुरम की बड़ी मात्रा में खनन व परिवहन की गई जिसमें से कुछ मात्रा को ही ग्राम पंचायत को दी गयी और वही बड़ी मात्रा में मुरम को ठेकेदार द्वारा उपयोग हेतु निकाल लिया गया है।फलस्वरूप स्थिति यह है कि सड़क किनारे इनदिनों मुरम खनन से बड़ा गड्ढा बन गया है, जो हादसे को खुली आमन्त्रणा दे रहा है। वही इस सम्बंध मद जब ग्राम पंचायत के सचिव बहल राम साहू से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि गाँव में बचेड़ी मार्ग पर चुरहा तालाब के पास की जमीन से मुरम खनन कर स्थानीय स्तर पर उपयोग की परमिशन ली गयी थी, किन्तु मुरम निकालने के बाद गाँव के बाहर उपयोग करने एवं अन्य सम्बन्ध में ज्यादा जानकारी मुझे पता नही है। हालाकि उन्होंने बताया कि मुरम निकालने के लिए जिनके वाहनों को उपयोग में लिया गया उनके द्वारा ग्राम पंचायत की जरूरत के बाद स्वयं के लिए ले जाने की बात होना बताया।फिलहाल पंचायत प्रशासन के ऐसे गैरजिम्मेदाराना कामकाज प्रवत्ति से शासन-प्रशासन की छवि बिगड़ने के साथ सिस्टम को नुकसान पहुंच रहा है जिससे ग्रामजनों में काफी असन्तोष व आक्रोश व्याप्त है।




