पुट बारो सेरी बाढन“ अभिनव पहल से चिन्हांकित 63 पारा माहेल्ले टोला में मिल रहा अब हर दिन गरम पका भोजन

“पुट बारो सेरी बाढन“ अभिनव पहल से चिन्हांकित 63 पारा माहेल्ले टोला में मिल रहा अब हर दिन गरम पका भोजन
कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
जिले के चिन्हाकित छूटे हुए पारा, माहेल्ले, टोला के 1594 बच्चे, गर्भवती और शिशुवती माताएं हो रहे लाभान्वित
पारा, मोहल्ले और मजरा टोले के बच्चों को खेल गतिविधियां से जोड़ने वहां खेल सामग्री के लिए प्रस्ताव बनाने के दिए निर्देश
कलेक्टर ने सेक्टर प्रभारी और सुपरवाईजर को निरंतर अपने आंगनबाड़ी केंद्रो का निरीक्षण करने के दिए निर्देश
कवर्धा, 20 अप्रैल 2023। कलेक्टर श्री जनमेजय महोबे ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर राज्य शासन की फ्लैगशिप योजना मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान सहित विभागीय कार्यों की गहनता से समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री महोबे ने कहा कि मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र के छुटे हुए पारा, मोहल्ले और मजरा टोले के बच्चो, गर्भवती व शिशुवती माताओं को उनके स्थान पर गरम पका पोषण आहार देने की अभिनव पहल की शुरुआत की गई है। इस अभिनव पहल को बैगनी बोली में “पुट बारो सेरी बाढन“ नाम दिया गया। जिसका अर्थ है स्वस्थ्य जच्चा-सुपोषित बच्चे खुशहाल जीवन। कलेक्टर ने कहा कि इस अभिनव पहल के नामकरण के अनुरूप स्वस्थ्य जच्चा-सुपोषित बच्चे खुशहाल जीवन की अवधारणा को जिले में लागू करते हुए कुपोषण मुक्त बनाना है। जिसके अंतर्गत मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत सभी को लाभन्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अंतर्गत 63 पारा माहेल्ले और विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति और आदिवासी बाहुल क्षेत्रों का चिन्हांकन किया गया है। जिसके तहत कुल 1594 बच्चे, गर्भवती और शिशुवती माताओं को लाभ मिल रहा है। उन्होंने इस योजना का विस्तार करते हुए उन पारा, मोहल्ले और मजरा टोले के बच्चो को खेल गतिविधियां से जोड़ने वहां खेल सामग्री के लिए प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री महोबे ने जिले में संचालित सेक्टरवार एक-एक आंगनबाड़ी केन्द्रों की जानकारी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि अधिक से अधिक गर्भवती माताओं को गरम भोजन से लाभान्वित किया जाना है, इसमें प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी में बच्चों की उपस्थिति शत प्रतिशत होना चाहिए। इसके लिए मुक्त खेल, बालगीत , प्रेरक कहानी, अभिनय, ड्राइंग पेंटिंग एवं अन्य सृजनात्मक गतिविधियां कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सीडीपीओ और संबंधित पर्यवेक्षक अधिकारी निरंतर अपने-अपने आंगनबाड़ी केन्द्रों को निरीक्षण करें और योजनाओं के क्रियान्वयन की गंभीरता से मॉनिटरिंग करें। योजनाओं के क्रियान्वयन में कमी अथवा खामियां पाने पर कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केन्द्रो में सुपोषण अभियान के मैनू का पालन करते हुए बच्चों को निर्धारित समय के बीच नास्ता और गरमपका भोजन देने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री महोबे ने कहा कि मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं में शामिल है। इस योजना का मूल उद्देश्य ही कुपोषण की दर में कभी लाना और एनीमियो पीड़ित महिलाओं को समान्य स्थिति में लाना है। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि जिले में एनआरसी संचालित है, वहां कुपोषित बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ दिलाने के लिए बच्चों को भर्ती कराए। उन्होने कहा कि अगर बच्चों व गर्भवती, शिशुवती महिलाएं आंगनबाड़ी तक नहीं आ पा रहे तो उन्होंने सुपोषण अभियान का लाभ दिलाने के लिए उनके घर पर गरम पका भोजन पहुंचाए। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री आनंद तिवारी ने बताया कि एनएफएचएस आंकड़ों के आधार पर कुपोषण की दर में 11.1 प्रतिशत की कमी आई है। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री आनंद तिवारी सहित सभी सेक्टर प्रभारी और सुपरवाईजर उपस्थित थे।




