कबीरधाम विशेष

मशरूम उत्पादन एवं मूल्य संवर्धन ग्रामीण युवाओं के लिए आजीविका और रोजगार का अच्छा विकल्प रू डॉ. एस. आर. के. सिंह

*सेवा संकल्प अभियान के तहत केवीके कवर्धा में मशरूम उत्पादन पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ*

*मशरूम उत्पादन एवं मूल्य संवर्धन ग्रामीण युवाओं के लिए आजीविका और रोजगार का अच्छा विकल्प रू डॉ. एस. आर. के. सिंह*

कवर्धा, 29 सितंबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र, कवर्धा द्वारा ग्रामीण युवाओं को कृषि आधारित आजीविका से जोड़ने एवं आवश्यक कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से सरल योजना के अंतर्गत मशरूम उत्पादन विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 29 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन निदेशक विस्तार सेवाएं, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर डॉ. एस. एस. टुटेजा एवं निदेशक, अटारी जबलपुर डॉ. एस. आर. के. सिंह के मार्गदर्शन तथा कृषि विज्ञान केन्द्र, कवर्धा के प्रमुख डॉ. बी. पी. त्रिपाठी के नेतृत्व में किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ कृषि विज्ञान केन्द्र, कवर्धा के प्रमुख डॉ. बी. पी. त्रिपाठी के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने अतिथियों एवं प्रशिक्षणार्थियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्यों की जानकारी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. एस. आर. के. सिंह, निदेशक, अटारी जबलपुर ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम में जुड़े। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. ऋचा मिश्रा, प्राचार्य, पी.जी. महाविद्यालय, कवर्धा तथा डॉ. कविता कनौज, सहायक प्राध्यापक, पी.जी. महाविद्यालय, कवर्धा उपस्थित रहीं।
मुख्य अतिथि डॉ. एस. आर. के. सिंह ने प्रशिक्षणार्थी ग्रामीण युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मशरूम उत्पादन एवं इसके मूल्य संवर्धन से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। मशरूम उत्पादन कम स्थान में प्रारंभ किया जा सकने वाला कृषि आधारित व्यवसाय है, जिसे आवश्यक कौशल एवं उचित प्रबंधन के साथ आय के अच्छे साधन के रूप में अपनाया जा सकता है। उन्होंने प्रशिक्षण में शामिल सभी युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए प्रशिक्षण से प्राप्त तकनीकी ज्ञान को व्यावहारिक रूप से अपनाने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. ऋचा मिश्रा एवं डॉ. कविता कनौज ने भी ग्रामीण युवाओं को मशरूम उत्पादन को स्वरोजगार एवं उद्यमिता के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए मशरूम उत्पादन युवाओं के लिए आय का एक अतिरिक्त एवं व्यावहारिक माध्यम बन सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. एन. सी. बंजारा एवं डॉ. सी. पी. राहंगडाले द्वारा विभिन्न तकनीकी सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावसायिक मशरूम उत्पादन, उत्पादन इकाई के लिए स्थान का चयन, स्वच्छता एवं जैव-सुरक्षा, उत्पादन प्रबंधन, रोग एवं कीट प्रबंधन, मशरूम प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन, भंडारण तथा विपणन आदि विषयों पर विस्तृत व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी प्रदान की जाएगी। प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक के साथ-साथ इसे व्यवसाय के रूप में स्थापित करने के लिए आवश्यक जानकारी एवं कौशल प्रदान करना है।
इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में कबीरधाम जिले के 30 ग्रामीण युवा सहभागिता कर रहे हैं। कार्यक्रम का आयोजन एवं समन्वय कृषि विज्ञान केन्द्र, कवर्धा के वैज्ञानिक डॉ. सी. पी. राहंगडाले द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. बी. एस. परिहार, डॉ. टी. एस. सोनवानी, कार्यक्रम सहायक श्री योगेश कुमार कौशिक तथा कर्मचारी श्री सलीकराम, श्री पुरंजन सिंह एवं श्री जगनंदन सहित केन्द्र के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

Abhitab Namdeo

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