*जिला स्तरीय छत्तीसगढ़ी भाषा एवं संस्कृति के विकास प्रशिक्षण कार्यशाला का हुआ समापन*

बेमेतरा:- जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बेमेतरा में छत्तीसगढ़ी भाषा एवं संस्कृति के विकास पर चार दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया जिसमें बेमेतरा ,साजा ,बेरला, नवागढ़ से कुल 60 शिक्षक/ शिक्षिकाओं ने अपनी सहभागिता निभाएं। जिला नोडल अधिकारी थलज कुमार साहू ने बताया कि छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति हमारी आत्मा है जिसको हम स्कूली बच्चों को स्थानीय बोलचाल की भाषा व संस्कृति के प्रति जागरूक करना है। जिसमे छत्तीसगढ़ी बोली,भाषा लोक गीत, लोक कला,चित्रकला ,लोकनाट्य, लोक नृत्य, लोरिक चंदा, ढोला मारु, पंडवानी, नाचा गम्मत आदि छत्तीसगढ़ की संस्कृति रहन-सहन ,वेशभूषा, पहनावा खान-पान,गहना,खेलकूद छत्तीसगढ़ के व्यंजन खुरमी, ठेठरी,चीला अईरसा, गुलगुल भजिया, इडहर कढ़ी, फरा, पताल के झोझो,अउ मही बसी,बासी चटनी जिमिकांदा कढ़ी, सोहारी,आदि के बारे बताया गया।साथ ही सप्ताह में एक दिन स्कूली छात्रों के बीच गतिविधि कराया जाय जिससे बच्चों को खुला मंच मिल सके और स्थानीय बोली भाषा व संस्कृति को समझ सके। छत्तीसगढ़ी भाषा एवं संस्कृति के विकास के ऊपर डाइट व्याख्याता डॉ बसूबंधु दीवान सर,जीएल खुटियारे सर,और डाइट प्रभारी प्राचार्य हेमंत भुवाल ने छत्तीसगढ़ी भाषा बोली संस्कृति के विकास और उसकी महत्ता ,उपयोगिता को स्कूली बच्चों तक कैसे पहुंचाएं इस पर अपने विचार रखें। इस प्रशिक्षण को सफल संचालन करने के लिए जिला नोडल थलज कुमार साहू व्याख्याता डाइट बेमेतरा। मास्टर ट्रेनर ईश्वर लाल साहू व्याख्याता परसबोड़ साजा, भुवन लाल साहू लावातारा बेरला, जयप्रकाश अजीम प्रेमजी फाउंडेशन बेमेतरा,उषा किरण पांडे व्याख्याता डाइट बेमेतरा,श्रद्धा शुक्ला सहायक शिक्षक गांगपुर, शांत कुमार पटेल सहायक शिक्षक शासकीय प्राथमिक शाला लालपुर वि. ख. नवागढ़ का विशेष योगदान रहा। समापन अवसर पर डाइट प्रभारी प्राचार्य हेमंत भुवाल सर,विकास खंड शिक्षा अधिकारी बेमेतरा अरुण कुमार खरे ,बीआरपी बेरला खोमलाल साहू,बेमेतरा बीआरपी सतीश शर्मा, डाइट बेमेतरा व्याख्याता जी.एल खुटियारे सर, राजकुमार वर्मा सर, जिला प्रशिक्षण नोडल थलज कुमार साहू ,कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय बेमेतरा की अधीक्षिका सुषमा शर्मा ,उपस्थित रहीं।





