छत्तीसगढ़

बजट को लेकर कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की उम्मीदें, मांगों पर विचार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में 24 फरवरी यानी मंगलवार को राज्य का बजट पेश होगा. इस बजट को प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी प्रस्तुत करेंगे.हर वर्ग राज्य सरकार के इस बजट से कुछ ना कुछ चाहता है, ताकि उन्हें भी बजट में कुछ मिले. बजट को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की निगाहें भी टिकी हुई है. यदि फेडरेशन के लिए कोई सकारात्मक पहल इस बजट में सामने नहीं आता है तो आने वाले दिनों में फेडरेशन फिर से आंदोलन करने के लिए बाध्य होने की बात कह रहा है.

फेडरेशन को सरकार के बजट से उम्मीदें

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि 24 फरवरी को छत्तीसगढ़ का बजट वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा. बजट से हमें भी काफी कुछ उम्मीदें हैं. इस बजट में हमारे लिए भी कुछ होना चाहिए. क्योंकि सरकार को लगभग 3 साल पूरे होने वाले हैं.

सरकार इस बार के बजट में डीए के एरियर्स का प्रावधान करें. लिपिक शिक्षकगण स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी औरअधिकारी महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी और कर्मचारी संगठन की जो वेतन विसंगति की बात है. पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट के लिए इस बजट में प्रावधान किया जाए. चार स्तरीय समयमान वेतनमान मिलना चाहिए- कमल वर्मा,प्रांतीय संयोजक,कर्मचारी संघ

फेडरेशन ने दी आंदोलन की चेतावनी

 

कमल वर्मा ने कहा किसहायक शिक्षक और शिक्षक के साथ ही पशु चिकित्सा अधिकारी के वेतनमान को इस बजट में शामिल किया जाए. इसके साथ ही पूरे प्रदेश में कैशलेस सुविधा लागू किया जाए. मध्य प्रदेश राज्य की तर्ज पर अर्जित अवकाश और नकदीकरण इस प्रदेश में लागू किया जाए. इसके साथ ही दैनिक और संविदा कर्मचारीयो को नियमित करने की बात सरकार ने अपने घोषणा पत्र में कही थी.

इसके साथ ही पंचायत सचिव का शासकीयकरण की बात भी कहा गया था. ऐसे तमाम मुद्दों को भी 24 फरवरी के दिन आने वाले बजट में शामिल किया जाए. कल आने वाले इस बजट में सरकार हमारी मांगों पर सकारात्मक या कोई ठोस पहल नहीं करती है तो फेडरेशन आने वाले दिनों में आंदोलन करने में पीछे नहीं रहेगी.

Abhitab Namdeo

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