*नगर पालिका बेमेतरा की खुली पोल, वीआईपी मूवमेंट के बीच कचरे के ढेर और बदबू से बेहाल नागरिक व मरीज*

बेमेतरा:- एक तरफ जहां नगर पालिका परिषद बेमेतरा द्वारा स्वच्छता अभियानों और सफाई व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। शहर की मुख्य सड़कों और चौराहों पर सफाई का अभाव यह साफ दर्शाता है कि नगर पालिका प्रशासन द्वारा स्वच्छता के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है।
सबसे चिंताजनक स्थिति खुद नगर पालिका परिषद कार्यालय के ठीक समीप बनी हुई है। कार्यालय के पास ही सड़क पर कचरे के विशाल ढेर जमा हैं, जिसके कारण पूरी सड़क गंदगी से पटी पड़ी है। यह बदहाली न केवल राहगीरों के लिए आफत बनी हुई है, बल्कि स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
कचरे के इस अंबर के साथ-साथ जिला अस्पताल के समीप स्थित नालियों में गंदे पानी का जमाव बना हुआ है। नालियों की नियमित सफाई न होने से लगातार बदबू उठ रही है। इस सड़ांध और गंदगी के कारण आसपास के क्षेत्रवासियों, राहगीरों और अस्पताल आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल के समीप फैली यह गंदगी और बदबू मरीजों तथा उनके स्वजनों के लिए गंभीर स्वास्थ्य संकट खड़ा कर रही है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान के पास इस तरह का माहौल संक्रामक बीमारियों के खतरे को कई गुना बढ़ा रहा है। जिम्मेदार अधिकारियों की इस घोर अनदेखी से आम नागरिकों और मरीजों में भारी रोष व्याप्त है।
हाल ही में बेमेतरा जिले में एक भव्य शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिरकत की। इस गरिमामयी कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कैबिनेट मंत्रियों और भाजपा के प्रमुख जनप्रतिनिधियों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही।
शिक्षक सम्मान समारोह के बाद अब जिले में राज्यपाल रमेन डेका का आगमन हो रहा है, जो विभिन्न सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। राज्यपाल के दौरे को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के कड़े और कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं, लेकिन स्वच्छता को लेकर प्रशासनिक तत्परता अब भी गायब है।
जिले में मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, मंत्रियों और राज्यपाल जैसे उच्च पदस्थ वीआईपी का लगातार जमावड़ा होने के बावजूद बेमेतरा की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी नजर आ रही है। इतने महत्वपूर्ण आयोजनों और वीआईपी मूवमेंट के दौरान भी मुख्य मार्गों पर कचरा पड़े रहना नगर पालिका के गैर-जिम्मेदाराना रवैये को उजागर करता है।
स्वच्छता के नाम पर सिर्फ अपनी पीठ थपथपाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की निष्क्रियता से बेमेतरा की जनता बेहद परेशान है। अब देखना यह होगा कि क्या राज्यपाल के इस दौरे के बाद भी नगर पालिका नींद से जागेगी और अस्पताल तथा कार्यालय के समीप सफाई कराएगी, या फिर शहरवासी यूं ही इस बदहाली को झेलने के लिए मजबूर रहेंगे।




