*●देवकर की सड़कों पर हादसों से गायों की लगातार मौत, प्रशासन की निष्क्रियता से गौसेवकों में काफी आक्रोश●*

बेमेतरा: विगत शुक्रवार देर रात बेमेतरा जिले के देवकर में एक दिल दहला देने वाले सड़क हादसे में एक गाय की दर्दनाक मौत हो गई। दुर्ग रोड नगर पंचायत देवकर के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने सड़क पर बैठी गाय को कुचल दिया। इस घटना के बाद गौसेवकों में भारी आक्रोश है, जिन्होंने प्रशासन की उदासीनता और लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
*लापरवाही का आरोप और पुलिस का रवैया सुस्त*
स्थानीय गौसेवकों के अनुसार, आए दिन भारी वाहनों की चपेट में आने से गायों की मौत हो रही है। इस घटना के बाद गौसेवकों ने पुलिस को जांच के लिए आवेदन दिया और सीसीटीवी फुटेज की मांग की। हालांकि, उनका आरोप है कि पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से पहले सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने को कहा, जिससे उन्हें वापस लौटना पड़ा। गौसेवकों का कहना है कि वे सिर्फ मृत गायों का अंतिम संस्कार कर रहे हैं, जबकि प्रशासन इन मौतों को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है।
*हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी*
यह घटना एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही और कानून व्यवस्था की पोल खोलती है। देवकर-जालबांधा रोड, जो कि महाराष्ट्र जाने का एक प्रमुख अंतर्राज्यीय मार्ग है, पर भारी वाहनों का संचालन हमेशा होता रहता है। इसके बावजूद, सड़कों से आवारा मवेशियों को हटाने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। गौसेवकों ने बताया कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट पहले ही सार्वजनिक सड़कों से आवारा मवेशियों को हटाने का आदेश दे चुका है, लेकिन इस आदेश का पालन कहीं होता नहीं दिख रहा है।
*गंभीर प्रशासनिक चूक का नतीजा*
गौरक्षक संगठनों ने इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि देवकर से खैरागढ़ मार्ग पर लगातार हो रही मवेशियों की मौत महज एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि गंभीर प्रशासनिक चूक का नतीजा है। इस हादसे से पूरे इलाके में शोक का माहौल है और लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि इन बेजुबान प्राणियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है।
पुलिस ने बताया कि वे अज्ञात वाहन और चालक की पहचान करने का प्रयास कर रहे हैं। भारतीय कानून के अनुसार, जानबूझकर या लापरवाही से किसी पशु को वाहन से कुचलना भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत एक अपराध है।




