*●गर्मी के सूखे दौर में किसान लहलहा रहे धान की फसल, दोहरी लाभ के चक्कर मे गिरा जलस्तर●*

*बेमेतरा:-* ज़िला अंचल में इन दिनों गर्मी के सीजन ने दस्तक दे दी है। वही ज़िला क्षेत्र का वाटर लेवल अभी से ही काफ़ी नीचे चला गया है। जबकि भीषण सूखे के दौर का आना अभी बाकी है। लेकिन अभी से घटते जलस्तर ने आमलोगों को चिन्ता में डाल दिया है। हालांकि ज़िला के विभिन्न इलाकों में ऐसी विकट परिस्थितियों के बीच धान की दोबारा फसल ली जा रही है। जिसके कारण भू-जलस्तर काफी तेजी से गिर रहा है। दरअसल जिलेभर के कई इलाकों में खरीफ की फसल के रूप धान की पैदावार करने कर बाद दोहरी फसल लेने के लिए पुनः अपने खेतों में धान की फसल उगाई जा रही है। जिसमे काफी बड़े पैमाने पर पानी की जरूरत पड़ती है।जिसकी पूर्ति के लिए किसान मोटरपंप व ट्यूबवेल के सहारे खेतो में धान की फसल की सिंचाई कर रहे है जो वाटरलेवल के लिए काफी नुकसानदेह है।इसी कड़ी में ही ज़िलाक्षेत्र के अनेक किसान अभी गर्मी के दौर में भी डबल फसल व ज्यादा मुनाफ़े की चाहत में वाटर लेवल से छेड़छाड़ कर पानी का दोहन कर रहे है। जिस पर शासन-प्रशासन को गंभीरतापूर्वक ध्यान देने की दरकार है। फिलहाल ज़िले के बड़े रकबे में इन दिनों जलस्तर के लिए किफायती रबी की फसलों के बजाए धान की पैदावार कर भू-संकट की स्थिति पैदा कर रहे है, जो काफी चिंताजनक विषय है।




