*पूर्व कैबिनेट मन्त्री रविन्द्र चौबे के गृहग्राम स्थित खेत मे शेर देखे जाने का दावा, दहशत के बीच ग्रामीणों व प्रशासन की दिनभर तलाशी, उत्सुकता में युवाओं ने ड्रोन का भी लिया सहारा, वन विभाग को अभीतक नही मिली सफलता, सन्दिग्ध इलाके सहित आसपास में जँगली जानवर से सावधान रहने की गयी मुनादी*

*■बेमेतरा:-* साजा वन परिक्षेत्र अंतर्गत पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे के गृहग्राम मौहाभाठा स्थित उनके कृषिभूमि में राष्ट्रीय पशु बाघ जैसा जंगली जानवर देखे जाने का गम्भीर मामला सामने आ रहा है। जिसने स्थानीय ग्रामवासियों व क्षेत्रवासियों को जबरदस्त भयभीत कर दिया है। हालांकि सूचना मिलते ही फॉरेस्ट विभाग सहित प्रशासन सक्रिय होकर तत्काल संदिग्ध स्थल पर खोजबीन शुरू कर दी। जिसमे देर रात तक किसी प्रकार दोबारा जानवर दिखने की पुष्टि नही हो पाई है।
जानकारी के मुताबिक मौहाभाठा गाँव मे पूर्व कैबिनेट मंत्री रविन्द्र चौबे के खेत के समीप स्थल पर स्थानीय कुछ ग्रामीणों ने शेर जैसा जानवर घूमते देखा, जिसके बाद उन ग्रामीणों ने गाँव मे इसकी सूचना दी। वही खबर फैलते ही पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे स्वयं अपने खेत के पास पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की। वही गाँव के उत्साहित युवाओं ने उत्सुकता में सन्दिग्ध दायरे के अन्दर शेर को ढूंढने ड्रोन कैमरे तक मंगा लिया। जिसमे वन विभाग व प्रशासन की टीम के साथ ग्रामीणों ने काफी देर तक जांगली जानवर को ढूंढने का गहन प्रयास किया। लेकिन कोई कामयाबी नही मिली। जिसके बाद प्रशासन की टीम मौहाभाठा से लेकर मोहगांव, मोहतरा, अतरझोला, सिंघनपुरी, देऊरगाँव, तेंदुभाठा, बासीन, बुधवारा सहित आसपास के अन्य गांवों में चौकन्ने रहने के लिये मुनादी करा दी गयी है एवं उक्त क्षेत्र का बारीकी से जांच किया जा रहा है। हालांकि जानकरो का कहना है कि इस इलाके में शेर व टाईगर जैसे जानवर का मिलना नामुमकिन है क्योंकि उक्त इलाके से वन अभ्यारण, नेशनल पार्क व टाईगर रिजर्व सैकड़ो किलोमीटर दूर अन्यत्र ज़िलों व प्रदेशो में स्थित है साथ ही पचासों गाँव को पार कर स्थानीय क्षेत्र तक पहुंच पाना असम्भव है। जबकि प्रत्यक्षदर्शियों ने बकायदा दूर से मोबाइल में उक्त जानवर को खेत मे झाड़ियो के बीच देखते ही कैद भी किया। जिसे लोग शेर मानकर काफी भयभीत हो चुके है। बताया जा रहा है कि दोपहर में मौहाभाठा से मोहतरा मार्ग के रास्ते पर आवागमन को भी रोकना पड़ा। हालांकि सन्दिग्ध जानवर के सम्बंध में दोबारा कोई जानकारी फिलहाल तक नही मिल पायी है।
दरअसल छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे का गृहग्राम मौहाभाठा फिलहाल वनरहित दुर्ग वनमंडल क्षेत्र के बेमेतरा ज़िला स्थित साजा फॉरेस्ट सर्किल के अधीनस्थ आता है। जहाँ पर स्थानीय इलाके में जंगल न होने से शेर-टाइगर जैसे जंगली जानवर का मिलना नामुमकिन है। वही आमतौर साजा परिक्षेत्र में जँगली जानवर के रूप में लकड़बग्घा, सियार, लोमड़ी का दिखना स्वभाविक है, जो स्थानीय खेतो में अक्सर विचरण करते पाए जाते है जो प्रायः खतरनाक नही होते है। जबकि इसी क्षेत्र में स्थित मौहाभाठा में कल राष्ट्रीय पशु बाघ देखे जाने पर मामला काफी सुर्खियों में रहा। जिसके कारण दिनभर गाँव मे आसपास के लोगों का अप्रत्याशित जमावाड़ा देखने को मिला।
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“फिलहाल मौहाभाठा गाँव मे जंगली जानवर देखने की सूचना विभाग को मिलने पर तत्काल टीम सन्दिग्ध जगह पर पिंजरे के साथ पहुंची एवं दिनभर जानवर की तलाश खेतो में की गयी है किन्तु देर रात तक सफलता नही मिल पाई है।”
*■पुनीत राम लसेल■*
*(रेंजर-फॉरेस्ट सर्किल साजा)*
दरअसल खबर मिलते ही पुलिस की टीम एहतियातन पर्याप्त बल के साथ मौक़ेस्थल पर पहुंची एवं सुरक्षात्मक द्रष्टिकोण से कोटवारों के द्वारा आसपास के गाँव मे मुनादी कराई जा रही है एवं खतरनाक जानवर से बचने के लिए जागरूकता का प्रयास किया जा रहा है।”
*■चन्द्रदेव वर्मा■*
*(प्रभारी-पुलिस थाना साजा)*




