विविध

*एनएचएम कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी: सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित*

बेमेतरा-: छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में लगातार जारी है। नियमितीकरण और 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशभर में 16,000 से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिससे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। रविवार को बेमेतरा में हड़ताली कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान पारंपरिक पोला पर्व मनाया, जिसमें वे बारिश के बीच भी डटे रहे।

 

सरकार के ‘अड़ियल’ रवैये से कर्मचारी नाराज

एनएचएम कर्मचारी संघ का आरोप है कि सरकार उनके प्रति “अड़ियल रवैया” अपना रही है। उनका कहना है कि बीजेपी के घोषणा पत्र और “मोदी की गारंटी” में 100 दिनों के भीतर संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का वादा किया गया था। लेकिन पिछले 20 महीनों में 160 से अधिक बार ज्ञापन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

 

बेमेतरा के धरना स्थल पर कर्मचारियों ने अपनी संस्कृति को बनाए रखते हुए पोला पर्व मनाया। इस दौरान नंदी बैल, जाता और चुकिया की पूजा की गई। महिला कर्मचारियों सहित सभी ने मिलकर छत्तीसगढ़ी व्यंजन जैसे ठेठरी-खुर्मी और भजिया बनाकर सामूहिक रूप से त्योहार मनाया।

 

ठप हुई स्वास्थ्य व्यवस्था

 

 

इस हड़ताल का सबसे बड़ा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर दिख रहा है। ये कर्मचारी ही सरकारी अस्पतालों में प्रसव, पैथोलॉजी जांच (खून, पेशाब, टीबी), ओपीडी, शिशु देखभाल, पोषण आहार वितरण और आपातकालीन सेवाएं संचालित करते हैं। आंदोलन के कारण ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं लगभग ठप हो गई हैं। कई अस्पतालों में ताले लग गए हैं, जिससे मरीज इलाज के लिए भटक रहे हैं और रात में होने वाले प्रसव पूरी तरह से बंद हो गए हैं।

 

एनएचएम कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष पूरन दास, डॉ. अभिषेक यादव, डॉ. डोमन यादव सहित अन्य पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी सभी मांगों पर लिखित आदेश जारी नहीं हो जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने जल्द पहल नहीं की, तो स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति और भी बदतर हो जाएगी।

GAUTAM BEMTRA

Related Articles

Back to top button