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*गरियाबंद के पक्तिया में पारंपरिक गौ-धरसा पर अवैध कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने तहसीलदार और वन विभाग को सौंपा ज्ञापन*

 

​गरियाबंद:- जिला अंतर्गत ग्राम पंचायत पक्तिया में पारंपरिक गौ-धरसा पशुओं का आवागमन मार्ग भूमि पर कथित अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। वर्षों पुराने इस पारंपरिक मार्ग पर कब्जा होने से गांव के गौ-वंश और अन्य मवेशियों के आवागमन में गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। ​मामले को लेकर लामबंद हुए ग्रामीणों ने वन परिक्षेत्र अधिकारी (पांडुका), जल संसाधन विभाग (छुरा) तथा तहसीलदार को संयुक्त रूप से लिखित आवेदन सौंपा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित स्थल का तत्काल मौका निरीक्षण किया जाए और सीमांकन कर भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए।

*​पशुधन व्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग है गौ-धरसा*

ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया कि पारंपरिक गौ-धरसा केवल एक रास्ता नहीं है, बल्कि यह गांव की प्राचीन पशुधन व्यवस्था और ग्रामीण संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। मार्ग अवरुद्ध होने के कारण पशुओं को लाने-ले जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

*​कब्जा हटाकर मार्ग बहाल करने की मांग*

ग्रामीणों ने प्रशासन से स्पष्ट कहा है कि यदि जांच में अतिक्रमण की पुष्टि होती है, तो अवैध निर्माण या कब्जे को तत्काल हटाकर गौ-धरसा को पुरानी स्थिति में बहाल किया जाए। साथ ही दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि पशुओं का निर्बाध आवागमन सुनिश्चित हो सके। ​ज्ञापन सौंपने के बाद अब पूरे गांव की नजरें तहसीलदार, वन विभाग और जल संसाधन विभाग की संयुक्त जांच और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

GAUTAM BEMTRA

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