स्वास्थ्य
मिट्टी की हांडी और धीमी आंच का जादू: चंबल की रसोई से लौटे ‘चिकन चुकरिया’ जैसे 24 भूले-बिसरे स्वाद

मिट्टी की हांडी और धीमी आंच का जादू: चंबल की रसोई से लौटे ‘चिकन चुकरिया’ जैसे 24 भूले-बिसरे स्वाद
तकनीक ने छीनी थी खुशबू
शोधकर्ताओं के अनुसार, रसोई में आए तकनीकी बदलावों-जैसे माइक्रोवेव और प्रेशर कुकर-ने धीमी आंच पर पकने वाले इन व्यंजनों को हमसे दूर कर दिया। पीतल और मिट्टी के बर्तनों की जगह एल्युमीनियम ने ले ली, जिससे खाने का असली पोषण और सोंधापन गायब हो गया। आइएचएम, ग्वालियर द्वारा तैयार यह ड्राफ्ट अब परिषद के पास है। उम्मीद है कि जल्द ही चंबल के ये ‘देसी सुपरफूड्स’ मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के होटलों और बड़े फूड फेस्टिवल्स का हिस्सा बनेंगे। यह न केवल लुप्त होती संस्कृति का पुनरुद्धार है, बल्कि चंबल के पर्यटन को स्वाद का नया आयाम देने की कोशिश भी है।


