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चांदनी’ का वो गाना, मशहूर लोक गीत ‘जुत्ती मेरी’ का है हिंदी वर्जन, धुन से भी खूबसूरत है मतलब

नई दिल्ली: भारत की खूबसूरत परंपराओं की झलकियां लोक गीतों से बयां होती रही हैं. शादियों में रिश्तेदारों को गरियाने की पुरानी परंपरा से आप वाकिफ होंगे. ऐसा ही एक मजेदार रिवाज है, जिसमें दुल्हन ससुराल जाने से पहले नखरे दिखाती है, जिसे श्रीदेवी ने फिल्म ‘चांदनी’ के गाने में बड़ी खूबसूरती से दिखाया. हालांकि, यह गाना एक मशहूर लोक गीत से प्रेरित लगता है, जिसका मतलब उसके संगीत से भी खूबसूरत है. गाना उस सिचुएशन में है, जब ससुरालवाले अपनी बहू को लेने आते हैं.पंजाबी के लोक गीत ‘जुत्ती मेरी’ में बताया गया है कि जब लड़की नखरे करके ससुराल में रहने से मना करती, तो उसे ससुरालवाले कैसे मनाते हैं, जिसके बोल इसके संगीत से भी खूबसूरत लगते हैं. गाने की पंक्तियां हैं-
‘जुत्ती मेरी जांदिए पहाड़िये दे नाल
ते पॉला मेरा जांदा ए उस डोगरे दे नाल
ठुमक ठुमक जांदी ए माई दे नाल….
होये पहली पहली बार मैनु सौरा लेन आ गया
सौरा लेन आ गया ते पंगा पवा गया
वंगा दे पानी ए हत्थे दे नाल
ते पॉला मेरा जांदा ए उस डोगरे दे नाल….
दुजी दुजी बार मैनु देर लैन आ गया
देर लैन आ गया ते लहंगा पवा गया
लहंगा ते पानी ए लक्के दे नाल
ते पॉला मेरा जांदा ऐ उस डोगरे दे नाल….
तीजी तीजी बार मैनु आप लैन आ गया
आप लैन आ गया दो गल्ला सुना गया
ठुमक ठुमक जानी ऐ माहिए दे नाल
होए सोहना मेरा माही तुर जाना ओहदे नाल

 

गीत में सौरा का मतलब है ससुर. वह बहू को मनाने सबसे पहले आता है और उसके लिए उपहार में चूड़ियां लाता है. बहू चूड़ियां तो रख लेती है, लेकिन जाने से मना कर देती है. एक पंक्ति में ‘देर’ का मतलब देवर होता है, जो भाभी को मनाने के लिए गिफ्ट में उसके लिए लहंगा लेकर आता है. वह लहंगा भी रख लेती है, लेकिन देवर के साथ जाने से भी मना कर देती है. आखिर में पति परेशान होकर पत्नी को लेने आता है और उसे दो बातें और सुनाता है. वह बताता है कि पत्नी उसे कितना परेशान करती है, फिर भी वह खुशी से ठुमक ठुमक कर पति के साथ ससुराल चली जाती है.पंजाबी के मशहूर लोक गीत के तर्ज पर एक हिंदी गाना ‘मैं ससुराल नहीं जाऊंगी’ बना था, जिसे आनंद बक्शी ने फिल्म ‘चांदनी’ के लिए लिखा था, जिसे श्रीदेवी और ऋषि कपूर पर फिल्माया गया था. गाने में श्रीदेवी अपने ससुरालवालों के सामने नखरे दिखाती हैं और रिश्तों की नोंक-झोक को प्यार भरे अंदाज में बयां करती है. गाना दर्शकों के दिलों के बेहद करीब है जो शादी के बाद के माहौल को बड़ी सुंदरता से दिखाता है. गाने को डायरेक्टर यश चोपड़ा की पत्नी पामेला चोपड़ा ने गाया था. इसे शिव-हरी ने कंपोज किया था.

 

Abhitab Namdeo

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