*●कृषि कार्य व आवागमन के लिए बने रास्ते पर भूमालिक ने किया अतिक्रमण, राहगीरों की बढ़ी परेशानी●*

*बेमेतरा:-* साजा विकासखण्ड एवं देवकर तहसील इलाके के ग्राम डीहपारा बासीन में सुरही नदी के किनारे एक स्थानीय जमींदार द्वारा कृषि कार्य व आम रास्ते के लिए उपयोगी खाली जमीन पर अपना हक जताते हुए अपने अन्य खेत मे मर्ज कर उस मार्ग में फसल बुवाई कर दी गयी है। लिहाजा क्षेत्र से जुड़े ग्रामीण रहवासियों व राहगीरों को आवागमन के लिए बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चूंकि अभी बरसात का सीजन लग चुका है तो अब उक्त खेत के मेड पर से चलना व गुजरना भी खतरायुक्त हो गया है। जिसके बावजूद प्रभावित इलाके के बच्चे, बुजुर्ग व महिलाएं भी उक्त मुख्य ग्राम व अन्य क्षेत्रों में जाने के लिए खेतो से होकर गुजर रहे है जिसमे कार्यवाही को लेकर अब पीड़ित किसानों व डीहपारा बासीन बस्ती के रहवासी पंचायत सरपँच व सचिव के साथ मिलकर लोगों ने बेमेतरा कलेक्टर, साजा एसडीएम व देवकर तहसीलदार से न्याय की फरियाद कर गुहार लगाई है।
दरअसल साजा जनपद अंतर्गत ग्राम बुधवारा के सहायक ग्राम बासीन में छोटा बस्ती का उपग्राम डीहपारा बासीन स्थित है जिसमे बस्ती के करीब 30-40 लोग सुरही नदी के तट पर दशकों से निरन्तर रहते व गुजर बसर करते आ रहे है। वही इसी बीच से ग्राम बासीन व अकलवारा जाने का कच्चा अस्थायी मार्ग भी है। चूँकि यहां के रहवासी हमेशा से नदी के समानांतर किनारे कच्चे सड़क से ही आना-जाना कई पीढ़ी से कर रहे है वही पर निकट ही एक ओर खेत भी बना हुआ है जिसके मालिक ने अचानक कुछ दिनों पहले उस कच्चे सड़क को अपने जद में लेते हुए खेत मे मर्ज कर लिया एवं अन्य खेत बनाकर वहाँ धान की बीज का बुवाई कर कृषि कार्य शुरू कर दिया। लिहाज़ा आलम यह है कि यहां से आवागमन करने वाले लोग अब सड़क के बंद हो जाने से चिंतित व निराश है। जिन्होंने पंचायत प्रशासन से मिलकर तत्काल इस सम्बंध में उचित समाधान की मांग की है। गौरतलब हो कि सालभर पूर्व में भी इसी तरह से जमीन मालिक द्वारा उक्त रास्ते को अपने हक़ में बताते हुए धान लगा कर रास्ता बाधित कर दिया गया था, किंतु बाद में तत्कालीन देवकर तहसीलदार उमेश कुमार लहरी ने अतिक्रमण हटाकर रास्ता साफ कराया था।वही अब फिर इसी तरह विषम परिस्थितियों से प्रभावित ग्रामीण काफी खासे परेशान है। इस सम्बंध में पीड़ित ग्रामीण व आवेदक डॉ पवन कुमार निषाद बताते है कि बरसात के इस दौर में रोजाना अनेक स्कूली बच्चे पढ़ने के लिए खेत या उसके मेड से होकर पढ़ाई करने जा रहे है वही मोटरसाइकिल व अन्य साधनों वाले को गाड़ी खेत के उस पार बस्ती या अकलवारा एवं अभी सुखे नदी से होकर




