*●बेरला क्षेत्र में अल्पवर्षा से किसानी कार्य प्रभावित, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्रवासियों की मांग पर सिंचाई कार्य के तांदुला विभाग दुर्ग ने मुख्य नहर से छोड़ा 500 क्यूसेक पानी, ब्रांच नहरो से हो रही 18 हज़ार हेक्टेयर क्षेत्र में पानी की आपूर्ति*

*बेमेतरा/बेरला:-* तांदुला जलसंसाधन दुर्ग अधीनस्थ बेरला एवं भिम्भौरी क्षेत्र में वर्षा के अभाव में किसानी एवं सिंचाई कार्य के लिए तांदुला के मुख्य नहर केनाल से गत 02 अगस्त से पर्याप्त मात्रा में निरन्तर पानी छोड़ा जा रहा है। जिससे इन दिनों बरसाती पानी की कमी से प्रभावित इलाके पानी की उपलब्धता भरपूर हो गयी है।
उल्लेखनीय है कि बेरला क्षेत्र में खरीफ सीजन होने के कारण धान एवं अन्य फसल उगाई जा रही है जिसके लिए भरपूर पानी की जरूरत होती है। चूंकि यहां खेती कार्य बरसात पर भी आश्रित होने से कभी-कभार सीजन में वर्षा का क्रम गड़बड़ा जाने पर पानी की आपूर्ति एवं उपलब्धता पर व्यापक असर पड़ता है। जिसकी भरपाई नहरो के माध्यम से की जाती है। चूंकि बेरला क्षेत्र में भी इन दिनों बरसात कम होने से पानी को लेकर किल्लत हो रही थी, तो इसके समाधान के लिए तांदुला जलसंसाधन संभाग दुर्ग द्वारा त्वरित समाधान करते हुए करीब 417 क्यूसेक पानी नहरो के माध्यम से क्षेत्र में छोड़ी जा रही है, लिहाजा खेतो को पानी की कमी नही होगी एवं फसलो के लिए पर्याप्त आपूर्ति होगी।
दरअसल बेमेतरा जिला के बेरला विकासखण्ड का सिंचाई क्षेत्र दुर्ग शिवनाथ मण्डल के अंतर्गत तांदुला दुर्ग एवं बेमेतरा जलसंसाधन के अंतर्गत आता है। जो साजा अनुविभाग व बेमेतरा के अल्पांश एरिया के साथ बेरला ब्लॉक का बड़ा हिस्सा खर्रा, सोढ़ एवं गोढ़ी वितरण शाखा नहर के माध्यम से सिंचाई होती है। ज्ञात हो, कि
कृषि प्रधान एवं कृषि संपन्न बेमेतरा ज़िला में खरीफ एवं रबी फसल फिलहाल बारिश के पानी पर आश्रित होती है वही बरसात के अभाव में पानी की कमी होने पर तांदुला मुख्य नहर के डिस्ट्रीब्यूशन ब्रांच के नहरो का सहारा लिया जाता है। जिससे क्षेत्र में कृषि आधारित कार्य पूरा किया जाता है।
*सहगाँव उद्वहन योजना के प्रस्ताव की प्रशासनिक स्वीकृति मिलने का इंतजार*
फिलहाल तांदुला दुर्ग संभाग द्वारा इस क्षेत्र में पानी की निर्भरता को निकट भविष्य बालोद की तांदुला के बजाए धमधा ब्लॉक के सहगाँव स्थित शिवनाथ नदी से नहर के माध्यम से आपूर्ति की प्रयास की जा रही है। जिसके लिए तांदुला के एसडीओ-आर के सोनी द्वारा बकायदा योजना अनुरूप प्रस्ताव को महानदी कछार(बेसिन) मुख्य अभियंता कार्यालय तक भेज दी गयी है जल्द ही इसकी प्रशासनिक स्वीकृति मिलने पर बेरला इलाके में तांदुला की बजाए सहगाँव समीप शिवनाथ से वैकल्पिक रूप से पर्याप्त पानी मिलनी सम्भव हो पाएगी। जो क्षेत्र में खरीफ एवं रबी की फसलों के लिए काफी सुगम एवं कारगर साबित होगी।
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चूँकि बेरला क्षेत्र में किसानों द्वारा पानी की मांग करने पर तत्काल विभाग द्वारा पानी छोड़ दिया गया है एवं आंनदगाँव मे नहरो के ब्लॉकेज को हटाकर अवरोधमुक्त पानी दी जा रही है।
*आरके सोनी*
*(एसडीओ-तांदुला जलसंसाधन दुर्ग)




