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सर्दियों में स्कूलों और कॉलेजों की छुट्टियों की तारीखें घोषित, सभी पैरेंट्स जल्दी जान लें

उत्तर भारत, दक्षिण भारत और पहाड़ी राज्यों में मौसम का प्रभाव अलग-अलग पड़ता है, जिसके चलते शीतकालीन अवकाश का पैटर्न भी बदल जाता है। कुछ राज्यों में छुट्टियां दिसंबर की शुरुआत से ही घोषित हो जाती हैं, जबकि कई जगह ये अवकाश क्रिसमस के आसपास शुरू होते हैं। चूंकि 25 दिसंबर पूरे देश में सार्वजनिक अवकाश होता है, इसलिए यह दिन हर स्कूल में छुट्टी के रूप में शामिल होता है। माता-पिता के लिए बेहतर होगा कि वे अपने बच्चे के स्कूल की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखें।

उत्तर भारत में सर्दियों की छुट्टियों का पैटर्न

उत्तर भारत के राज्यों में सर्दी का असर सबसे अधिक देखने को मिलता है। दिसंबर के अंतिम सप्ताह से लेकर जनवरी के मध्य तक यहां तापमान काफी नीचे चला जाता है, जिसके चलते स्कूलों में लंबी छुट्टियां दी जाती हैं। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों में घने कोहरे और ठिठुरन भरी ठंड के कारण अक्सर 10 से 15 दिन तक विंटर वेकेशन चलता है। कई बार मौसम और खराब होने पर जिला प्रशासन छुट्टियों को बढ़ाने का आदेश भी जारी कर देता है।

कई जगह दिसंबर के अंतिम सप्ताह से ही स्कूल बंद हो जाते हैं और जनवरी के दूसरे सप्ताह में खुलते हैं। खासकर सुबह-सुबह की बस सेवाएं कोहरे के कारण बाधित होती हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल बंद रखना आवश्यक हो जाता है। पैरेंट्स को चाहिए कि वे स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों पर नजर रखें ताकि समय पर नई जानकारी मिल सके।

पहाड़ी राज्यों में लंबी विंटर वेकेशन की वजह

पहाड़ी राज्यों में सर्दी का प्रभाव मैदानों की तुलना में कहीं अधिक होता है। जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड जैसे राज्यों में दिसंबर की शुरुआत से ही तापमान शून्य के आसपास पहुंच जाता है। कई इलाकों में बर्फबारी इतनी अधिक होती है कि स्कूलों का संचालन करना मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि जम्मू-कश्मीर में कई बार स्कूल दिसंबर की शुरुआत में ही बंद कर दिए जाते हैं और फरवरी तक अवकाश जारी रहता है।

उत्तराखंड में भी दिसंबर के अंतिम सप्ताह से लेकर जनवरी के मध्य तक विंटर वेकेशन चलता है। पहाड़ों में सड़कें फिसलन भरी होने के कारण बच्चों का स्कूल आना-जाना जोखिम भरा हो जाता है। इसलिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लंबे अवकाश की घोषणा करते हैं। माता-पिता को सलाह दी जाती है कि वे अपने जिले की मौसम रिपोर्ट और आधिकारिक नोटिस चेक करते रहें।

दक्षिण भारत में छोटी लेकिन निश्चित सर्दियों की छुट्टियां

दक्षिण भारत में मौसम काफी संतुलित रहता है, इसलिए यहां उत्तर भारत जैसी कड़ाके की ठंड नहीं पड़ती। इसी कारण तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल जैसे राज्यों में विंटर वेकेशन छोटा होता है। आमतौर पर इन राज्यों में छुट्टियां दिसंबर के तीसरे या चौथे सप्ताह से शुरू होकर एक जनवरी तक ही चलती हैं। माता-पिता इस अवधि में बच्चों के लिए छोटे ट्रिप, त्योहारों की तैयारी और परिवारिक कार्यक्रमों की योजना बनाते हैं।

दक्षिण भारत में गर्मी की छुट्टियां काफी लंबी होती हैं क्योंकि मई-जून में तेज गर्मी पड़ती है। इसलिए स्कूल प्रबंधन सर्दियों में केवल कुछ दिनों का अवकाश देते हैं ताकि कुल वार्षिक पढ़ाई प्रभावित न हो। यहां के स्कूलों में क्रिसमस और नए साल के आसपास छुट्टियां देना एक सामान्य पैटर्न है। अभिभावकों को स्कूल कैलेंडर चेक करके अपनी योजनाएं बनानी चाहिए।

केंद्रीय विद्यालयों और दिल्ली के स्कूलों में अवकाश शेड्यूल

केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) पूरे देश में एक समान शैक्षणिक कैलेंडर का पालन करता है। साल 2025 में केन्द्रीय विद्यालयों में शीतकालीन अवकाश 23 दिसंबर से एक जनवरी 2026 तक रहने की संभावना है। यह अवधि लगभग दस दिनों की होती है, जिससे छात्रों को पढ़ाई से ब्रेक मिल जाता है और वे परिवार के साथ समय बिता पाते हैं। हर साल KVS आधिकारिक नोटिस जारी करता है, जिसे माता-पिता अवश्य चेक करें।

दिल्ली के स्कूलों में दो तरह के कैलेंडर लागू होते हैं। कुछ स्कूल 24 दिसंबर से 31 दिसंबर तक छुट्टी देते हैं, जबकि कई स्कूल 1 जनवरी से 15 जनवरी तक का लंबा अवकाश घोषित करते हैं। यह पूरी तरह स्कूल प्रबंधन पर निर्भर होता है। मौसम की स्थिति बिगड़ने पर दिल्ली सरकार अतिरिक्त छुट्टियां घोषित कर सकती है। इसलिए पैरेंट्स के लिए जरूरी है कि वे स्कूल द्वारा साझा किए जाने वाले सर्कुलर, वेबसाइट और व्हाट्सएप ग्रुप पर ध्यान दें।

पैरेंट्स के लिए महत्वपूर्ण सुझाव

सर्दियों की छुट्टियों की तारीखें हर साल मौसम और प्रशासनिक आदेशों के आधार पर बदलती रहती हैं। इसलिए पैरेंट्स को केवल मीडिया रिपोर्ट्स पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने बच्चे के स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट या नोटिस बोर्ड अवश्य चेक करना चाहिए। कई स्कूल छुट्टियों में भी विशेष गतिविधियां, प्रोजेक्ट या होमवर्क देते हैं, जिन्हें समय पर पूरा करवाना जरूरी होता है।

पैरेंट्स को छुट्टियों के दौरान बच्चों की दिनचर्या संतुलित रखने पर भी ध्यान देना चाहिए। ठंड के दिनों में बच्चों को अधिक समय तक मोबाइल या टीवी देखने से बचाना चाहिए। उन्हें किताब पढ़ने, क्रिएटिव एक्टिविटी करने और परिवार के साथ समय बिताने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। यदि आप किसी यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो मौसम और ट्रैफिक की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारी कर लें।

Disclaimer: यह लेख सामान्य मीडिया रिपोर्ट्स और शैक्षणिक कैलेंडर के आधार पर तैयार किया गया है। राज्यों एवं स्कूलों द्वारा छुट्टियों में बदलाव संभव है। सही जानकारी के लिए संबंधित स्कूल या शिक्षा विभाग की आधिकारिक सूचना अवश्य जांचें।

Abhitab Namdeo

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