*बेरलाकला की गलियों में गंदे पानी की बदबू और कीचड़ का आलम ग्रामीण परेशान, पंचायत विकास और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल*


बेमेतरा/बेरला:- जिला बेमेतरा के सीमावर्ती क्षेत्र खारुन नदी के समीप स्थित ग्राम पंचायत बेरलाकला के वार्ड क्रमांक 5 एवं 6 में पिछले लंबे समय से बदहाली का माहौल है। सालों से वार्ड की गलियों में जमा गंदे पानी, बदबू और कीचड़ के कारण ग्रामीणों का जीवन दूभर हो चुका है। बार-बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों द्वारा ध्यान न दिए जाने से नाराज ग्रामीणों ने पंचायत विकास, मूलभूत सुविधा और 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है।

*पानी भराव और कीचड़ से चलना हुआ मुश्किल*
ग्रामीणों का कहना है कि घरों से निकलने वाले निस्तारी पानी और बारिश का पानी गड्ढा होने की वजह से वार्ड 5 और 6 में जमा हो जाता है। पानी के निकासी की कोई व्यवस्था न होने से यह पानी सड़ चुका है, जिससे उठ रही तेज बदबू से लोगों का सांस लेना तक दूभर हो गया है। स्थिति यह है कि मार्ग पूरी तरह कीचड़ और ‘काप’ में तब्दील हो चुका है, जिससे होकर गुजरने पर ग्रामीणों के पैरों में खुजली और त्वचा संबंधी समस्याएं हो रही हैं। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है।
*बीमारियों का बढ़ा खतरा, जहरीले जीवों का भय*
वार्डवासियों ने बताया कि गंदे पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप अत्यधिक बढ़ गया है, जिससे क्षेत्र में गंभीर बीमारियों के फैलने की आशंका है। इसके अलावा, गंदे पानी और झाड़ियों के कारण रात के समय जहरीले कीड़े-मकोड़े और सांप घरों में घुस आते हैं, जिससे छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिजन हर वक्त खौफ में रहते है। रात में बिजली गुल होने पर समस्या और भयावह हो जाती है। पड़ोसी जिलों में स्वाइन फ्लू व अन्य संक्रामक बीमारियों के खतरे को देखते हुए ग्रामीणों में भारी भय व्याप्त है।
*पंचायत पर राशि के बंदरबांट का आरोप*
ग्रामीणों का कथित आरोप है कि विकास और साफ-सफाई के नाम पर आने वाली मूलभूत और 15वें वित्त की राशियों का केवल कागजों पर खेल खेला जा रहा है। गलियों में गिट्टी/मुरुम डालने तक की सुध नहीं ली जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार पंचायत द्वारा साफ-सफाई और विकास के नाम पर लाखों रुपये की खानापूर्ति कर राशि का बंदरबांट किया जा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है।
*पक्ष और प्रतिक्रियाएं*
जमुना जया मिर्झा, सरपंच ग्राम पंचायत बेरलाकला ने कहाँ किसमस्या पर अब ध्यान दिया जाएगा। वार्ड के कुछ लोग नाली निर्माण कार्य में सहयोग नहीं करते और निर्माण नहीं होने देते। साथ ही वार्ड 5-6 का क्षेत्र गड्ढे में होने के कारण पानी जमाव की स्थिति बनती है।
*अधिकारियों ने नहीं उठाया फोन*
इस पूरे मामले में प्रशासनिक पक्ष जानने के लिए जब जनपद पंचायत बेरला मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिव्य ठाकुर एवं जिला पंचायत बेमेतरा मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेमलता पद्माकर को फोन के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनके द्वारा कॉल रिसीव नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि आला अधिकारियों का यह रवैया नया नहीं है। एक तरफ शासन-प्रशासन जनदर्शन और समस्या निवारण शिविरों का सोशल मीडिया पर प्रचार कर खानापूर्ति करता है, वहीं दूसरी तरफ धरातल पर अधिकारी मौन साधे बैठे है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से वार्ड 5 और 6 में पानी निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए और पंचायत के विकास कार्यों व वित्तीय आवंटन की निष्पक्ष जांच कराई जाए।




